अंतरराष्ट्रीय

एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव तेज, चौकियों पर कब्जे का दावा

डेस्क: अफगानिस्तान और पाकिस्तान  (Afghanistan and Pakistan) के बीच सीमा पर तनाव तेजी से बढ़ गया है। पाकिस्तान द्वारा कथित तौर पर आतंकी ठिकानों (Terrorist Bases) को निशाना बनाकर की गई एयरस्ट्राइक के बाद अब अफगानिस्तान की तालिबान सरकार (Taliban Government) ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू करने का दावा किया है। पिछले करीब 48 घंटों से जारी छिटपुट गोलीबारी अब भारी हथियारों के इस्तेमाल तक पहुंच गई है।

तालिबान का जवाबी कार्रवाई का दावा

तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि नागरिकों की मौत के जवाब में अफगान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों और ठिकानों को निशाना बनाया। उनके अनुसार, कार्रवाई में मल्टी-बैरेल रॉकेट लॉन्चर, टैंक, आर्टिलरी और मोर्टार जैसे भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया।

15 चौकियों पर कब्जे का दावा

तालिबान प्रवक्ता ने दावा किया कि नंगरहार-खैबर और कुनार-बाजौर सीमाई इलाकों में हमले कर पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है।
बताया गया कि नंगरहार सीमा के पास दो, गोश्ता क्षेत्र के आसपास तीन और कुनार सीमा पर दो चौकियों पर अफगान बलों की मौजूदगी है। हालांकि इन दावों की पाकिस्तान की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

22 फरवरी की एयरस्ट्राइक से बढ़ा विवाद

तनाव की शुरुआत 22 फरवरी को हुई, जब पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिलों तथा पक्तिका के बेरमल और अर्गुन क्षेत्रों में हवाई हमले किए। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में एक ही परिवार के 16 नागरिकों की मौत हुई।

पाकिस्तान का कहना था कि कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ की गई, जबकि तालिबान प्रशासन ने इसे नागरिकों पर हमला बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

दोनों देशों के बीच सीमा पार गतिविधियों और उग्रवादी संगठनों को लेकर पहले भी आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। मौजूदा सैन्य टकराव ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो यह संघर्ष व्यापक रूप ले सकता है।

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