डेस्क:सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी (NCERT) की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की उस किताब पर पूर्ण और निरपेक्ष प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ (Judiciary Corruption) नामक एक अध्याय शामिल था। न्यायालय ने इस मामले को “गहरी साजिश” करार देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। केंद्र ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जो लोग ‘ज्यूडिशियरी करप्शन’ पर चैप्टर का ड्राफ्ट बनाने में शामिल हैं, वे UGC या किसी भी मिनिस्ट्री के साथ काम नहीं करेंगे। केंद्र ने बिना शर्त माफी भी मांगी है, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, “एक सुओ मोटो केस में, हम बिना शर्त माफी मांगते हैं।” इस बीच, चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने पलटवार करते हुए कहा, “मीडिया में हमारे दोस्तों ने यह नोटिस भेजा है। इसमें माफी का एक भी शब्द नहीं है।
