संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन ने राज्य सरकार व राजभवन समेत कई पदाधिकारियों को लिखा पत्र

दरभंगा। मनोकामना गेट के सामने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) दरभंगा द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य पर संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन ने घोर आपत्ति जताते हुए इसे अविलम्ब रोकने का आग्रह किया है। प्रस्तावित पक्के निर्माण से भविष्य में होने वाली परेशानियों को बताते हुए संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पांडेय एवं कुलसचिव प्रो. ब्रजेशपति त्रिपाठी ने एलएनएमयू के कुलपति से लिखित में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ निशिकांत ने बताया कि संस्कृत विश्वविद्यालय के मनोकामना गेट को पूर्णतः बंद करने की मंशा से उसमें सटाकर निर्माण कार्य के लिए बड़ा बड़ा गड्ढा खोदा गया है और इसी नए सन्दर्भित घटनाक्रम की सूचना कुलसचिव प्रो. त्रिपाठी ने जिलाधिकारी, दरभंगा को भी पत्र के माध्यम से दी है। साथ ही, उसी पत्र की प्रतिलिपि राजभवन सचिवालय के प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव, निदेशक उच्च शिक्षा,अनुमंडल पदाधिकारी, सदर दरभंगा, अंचलाधिकारी, सदर दरभंगा, थानाध्यक्ष, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा कैम्पस, एलएनएमयू के कुलसचिव कार्यालय एवं कुलपति के निजी सहायक समेत अन्य को दी गयी है और आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा की है।
कुलपति का कुलपति से आग्रह
संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पांडेय ने एलएनएमयू के कुलपति प्रो.संजय कुमार चौधरी को इसी 17 फरवरी को पत्र लिखा है। उसमें आग्रह किया गया है कि यातायात व्यवस्था के लिए प्रस्तावित निर्माण कार्य रोकना जरूरी है। कुलपति पांडेय ने लिखा है कि उपर्युक्त विषय में सूचनीय है कि विश्वविद्यालय परिसर का आन्तरिक मार्ग बाध मोड से विश्वविद्यालय परिसर के बीचोबीच होते हुए भारतीय स्टेट बैंक के एस डी एस यू परिसर के समीप होते हुए सीधे मिथिला विश्वविद्यालय तक का पूरब भाग एव पश्चिम भाग विश्वविद्यालय का आन्तरिक रास्ता है। यह आम रास्ता नहीं है फिर भी बाघ मोड से बाहरी लोग वाहनों से प्रवेश करते रहते हैं, गार्ड द्वारा रोके जाने पर गाली-गलौज करते हैं एवं झगड़ने लगते है तथा उस मार्ग से आर-पार जाने के लिए दबाब बनाते रहते हैं। स्कूटर, मोटरसाईकिल से बिना हेलमेट पहने शोर शराबा करते हुए तेज रफ्तार से लोग ट्रिपल यात्रा करते हैं।
कभी कभी उसपर स्टन्ट एवं तरह-तरह के कर्तव करते रहते है। इस कारण से वाहनों द्वारा आवागमन प्रतिबंधित करने के लिए अग्रिम आदेश तक बाघमोड गेट को बन्द किया गया है जिसकी सूचना विश्वविद्यालय से 19.12.2025 को ही जिला पदाधिकारी, पुलिस अधिक्षक , अनुमंडल पदाधिकारी एवं थाना अध्यक्ष को भी दी गयी है। इस व्यवस्था से परिसर में शाति एवं सुरक्षा का महौल कायम होने में प्रगति हुई है। विश्वविद्यालयीय छात्र, पदाधिकारी, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी विश्वविद्यालय सम्बद्ध कार्यों के लिए आगन्तुक सवाहन हिरण गेट / इमली गेट एवं स्टेट बैंक गेट होकर अवागमन करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने याद दिलाया है कि इस क्रम में आपसे कुछ बाते आवागमन हेतु विचार किया गया था तथा चर्चा हुई कि इस विश्वविद्यालय से कुलानुशासक एव भू-सम्पदा पदाधिकारी और आपके विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर दोनों विश्वविद्यालय के आन्तरिक पथो / मार्गों में आवागमन सुव्यवस्थित रूप से संचालन हेतु समग्र योजना बनायी जा सकती है. जिससे की बाहरी आवागमन को नियत्रित करते हुए दोनों विश्वविद्यालय से सम्बद्ध व्यक्तियों का पारस्परिक आवागमन सुगम हो सके। इस पहल के लिए अपने विश्वविद्यालय के सम्बद्ध पदाधिकारियों को निदेशित करना चाहेंगे।
कुलसचिव ने भी वस्तुस्थिति की स्पष्ट
कुलसचिव प्रो. त्रिपाठी ने 19 फरवरी,26 को जिलाधिकारी को लिखे पत्र में उक्त निर्माण कार्य को रोकते हुए उनसे यथोचित कार्रवाई का अनुरोध किया है।कहा है कि कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, कामेश्वरनगर, दरभंगा, राजपरिवार दरभंगा से दान रूप से प्राप्त है जिसका मुख्यमार्ग मनोकामना गेट से प्रवेश होता है। उक्त गेट पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा मेन गेट से सटा कर किये जा रहे निर्माण के क्रम में विश्वविद्यालयीय पत्रांक 29/26, दिनांक 17.02.2026 के द्वारा उपर्युक्त विषयक सन्दर्भित पत्र कुलपति महोदय ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा के संज्ञान में लाया गया । पुनः माननीय कुलपति महोदय से दूरभाषीय वार्ता के क्रम में माननीय कुलपति, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा ने कहा कि मैं अभी विश्वविद्यालय मुख्यालय से बाहर जा रहा हूँ। 24 फरवरी को वापस आऊँगा। तत्पश्चात् इस पर विचार करके आपसी सहमति पर समाधान किया जायेगा, लेकिन निर्माण कार्य जारी ही रहा। इस क्रम में माननीय कुलपति, कुलसचिव एवं कुलानुशासक (संस्कृत विश्वविद्यालय) निर्माण कार्य स्थल पर गये। कुछ समय के बाद ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलसचिव महोदया एव अन्य पदाधिकारी भी आये। उन्हें भी माननीय कुलपति से हुई वार्ता की बात बतायी और उन्होने इसपर कहा कि अभी अन्यत्र निर्माण कार्य जारी रहेगा तथा इस जगह का कार्य माननीय कुलपति के लौटने पर उभय पक्ष से वार्ता के बाद किया जायेगा। आशंका है कि उक्त निर्माण कार्य पुन आज रात्रि में प्रारम्भ किया जा सकता है। इस बलपूर्वक हो रहे कार्य पर आपका ध्यान आकृष्ट कराना पड़ रहा है कि अविलम्ब उक्त निर्माण कार्य को रोकते हुए यथोचित कार्रवाई करने की कृपा प्रदान की जाय।
