डेस्क:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भगवत ने गुरुवार को एक अलग, सशक्त पशु चिकित्सा परिषद की स्थापना का आह्वान किया और कहा कि पशुओं और जन सुरक्षा से संबंधित निर्णय पशु चिकित्सकों और विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में लिए जाने चाहिए। नागपुर में आयोजित इंडियन सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ कैनिन प्रैक्टिस (आईएसएसीपी) के 22वें वार्षिक सम्मेलन और एकल स्वास्थ्य में कुत्तों की भूमिका: साझेदारी निर्माण और चुनौतियों का समाधान” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने यह बात कही। दिल्ली में हाल ही में आवारा कुत्तों को लेकर हुए विवाद का जिक्र करते हुए भगवत ने कहा कि सार्वजनिक चर्चा ध्रुवीकृत हो गई है। उन्होंने कहा कि दो चरम विचार सामने आ रहे हैं: या तो सभी कुत्तों को मार डालो या उन्हें बिल्कुल भी न छुओ। लेकिन अगर इंसानों को कुत्तों के साथ रहना ही है, तो असली सवाल यह है कि वे साथ कैसे रहें।
