डेस्क:उत्तराखंड में बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने हाल में एक अहम घोषणा करते हुए कुछ चुने हुए हिंदू धर्म स्थलों पर गैर हिंदू लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। समिति का कहना है कि यह कदम धार्मिक परंपरा, आस्था और पवित्रता की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है। समिति के अनुसार, कई प्राचीन मंदिर विशेष धार्मिक मर्यादा के साथ स्थापित हुए थे और उनका मुख्य उद्देश्य हिंदू श्रद्धालुओं को पूजा, साधना और धार्मिक अनुष्ठान का स्थान देना है। इसलिए वहां प्रवेश को उसी दायरे में रखना उचित है। समिति ने कहा कि यह किसी के प्रति वैर का कदम नहीं बल्कि धार्मिक व्यवस्था का पालन है। इस घोषणा के बाद अलग अलग विचार सामने आए। जमात उलेमा हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा कि देश सबका है और किसी भी समूह को अलग करना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी ओर विश्व हिंद परिषद ने मंदिर समिति के कदम का स्वागत किया। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जैसे अन्य धर्म अपने पूजा स्थलों के लिए नियम बनाते हैं, वैसे ही हिंदू समाज को भी अपने पवित्र स्थलों के लिए नियम बनाने का अधिकार है।
