डेस्क:पूर्व थल सेना प्रमुख (आर्मी चीफ) जनरल एम.एम. नरवणे की यादों पर आधारित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ एक बड़े कानूनी और राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है। आरोप है कि रक्षा मंत्रालय (MoD) से अनिवार्य मंजूरी मिलने से पहले ही यह किताब वैश्विक डिजिटल बाजारों में उपलब्ध हो गई थी। मंगलवार को, दिल्ली पुलिस ने लीक के सिलसिले में क्रिमिनल साज़िश के आरोपों के तहत एक FIR दर्ज की। यह कदम इंडिया टुडे डिजिटल द्वारा उठाए गए सवालों के बाद उठाया गया कि एक अनपब्लिश्ड किताब कांग्रेस लीडर राहुल गांधी तक कैसे पहुंची। शुरुआती जांच से पता चला है कि यह लीक कोई अलग-थलग पायरेसी का काम नहीं था, बल्कि एक “प्लांड और कोऑर्डिनेटेड ऑपरेशन” था जिसमें डिफेंस से जुड़े पब्लिकेशन के लिए ऑफिशियल मंज़ूरी प्रोसेस को बायपास किया गया था।
