डेस्क :दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सक्रिय गैंगस्टर और कुख्यात अपराधियों को कथित तौर पर हथियार मुहैया करने वाले एक अवैध आग्नेयास्त्र निर्माण और आपूर्ति गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह से पहले अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुरू किए गए एक विशेष अभियान के तहत की गई कार्रवाई में हत्या सहित जघन्य अपराधों के आरोप में पांच संदिग्ध अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने 20 देसी पिस्तौल, 12 कारतूस और अवैध आग्नेयास्त्र बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में मशीनरी और कच्चा माल जब्त किया। चार जनवरी को कापसहेड़ा इलाके में पुलिस ने जाल बिछाया और दिल्ली के पालम निवासी भरत उर्फ भारु (35) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक पिस्तौल और एक कारतूस जब्त किया गया।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शस्त्र कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उससे लगातार पूछताछ में एक बड़े पैमाने पर आग्नेयास्त्र निर्माण गिरोह का खुलासा हुआ।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान भरत ने कथित तौर पर अशरफ अली (50) की संलिप्तता बताई, जो अपने साथियों के साथ मेरठ में अवैध आग्नेयास्त्र निर्माण इकाई चला रहा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने मेरठ के कैली गांव में छापेमारी की, जहां अवैध आग्नेयास्त्र कारखाने का भंडाफोड़ किया गया।
पुलिस ने बताया कि मेरठ निवासी अशरफ अली और सतीश (49) तथा मुजफ्फरनगर के उपेंद्र (32) को मौके से गिरफ्तार किया गया और पिस्तौल के बड़े पैमाने पर उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनरी जब्त की गई।
पुलिस ने कहा कि आगे की जांच में द्वारका निवासी इम्तियाज (28) को गिरफ्तार किया गया, जिसने कथित तौर पर अपराधियों और गैंगस्टरों को अवैध आग्नेयास्त्र मुहैया कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जांचकर्ताओं ने कहा कि आरोपी एक खेत की जमीन पर संगठित रूप से आग्नेयास्त्र निर्माण इकाई चला रहे थे, जहां भारी मशीनरी और कच्चे माल का उपयोग करके उन्नत देसी पिस्तौल बनाई जाती थीं। उन्होंने बताया कि हथियारों की आपूर्ति केवल मांग के अनुसार और वित्तीय लाभ के लिए अपराधियों को की जाती थी।
पुलिस ने कहा कि सभी आरोपी पहले से आपराधिक पृष्ठभूमि के है। उपेंद्र, अशरफ अली और सतीश कथित तौर पर हत्या और अन्य मामलों में शामिल हैं, जबकि भरत पर हत्या की कोशिश और डकैती के कई मामले दर्ज हैं। इम्तियाज कथित तौर पर डकैती, लूटपाट और शस्त्र कानून के उल्लंघनों के कई मामलों में शामिल है। पुलिस ने बताया की मामले की जांच जारी है।
