दरभंगा

सखी वार्ता” के माध्यम से किशोर-किशोरियों को महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता एवं करियर मार्गदर्शन की दी गई जानकारी

राजकीय मध्य विद्यालय, मथुरापुर कविरचक में आयोजित कार्यक्रम में महावारी स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) किट का भी किया गया वितरण

दरभंगा, 17 जुलाई 2026 : महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार तथा जिला प्रशासन, दरभंगा के तत्वावधान में जिला हब फॉर एम्पॉवरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW), दरभंगा द्वारा शुक्रवार को राजकीय मध्य विद्यालय, मथुरापुर कविरचक, जिला–दरभंगा में *”सखी वार्ता”* एवं *महावारी स्वच्छता प्रबंधन (MHM) किट वितरण कार्यक्रम* का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर-किशोरियों को महिला सुरक्षा, संरक्षा, सशक्तिकरण, बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा तथा स्वास्थ्य संबंधी विषयों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान जिला हब फॉर एम्पॉवरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW) के वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ श्री वीरेन्द्र कुमार एवं लैंगिक विशेषज्ञ सुश्री डॉली कुमारी ने छात्र-छात्राओं को *सखी वन स्टॉप सेंटर*, *महिला हेल्पलाइन-181*, *चाइल्ड हेल्पलाइन-1098*, *साइबर क्राइम हेल्पलाइन-1930* तथा *बाल विवाह निषेध से संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं बचाव के उपायों* की विस्तृत जानकारी दी।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को

*करियर काउंसलिंग* प्रदान करते हुए उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप भविष्य निर्माण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने महिला सुरक्षा, बाल अधिकार, साइबर अपराध, बाल विवाह एवं करियर से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं सहज भाषा में संतोषजनक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

इस अवसर पर छात्राओं के बीच *महावारी स्वच्छता प्रबंधन (MHM) किट* का वितरण भी किया गया तथा उन्हें मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया गया।

यह जागरूकता कार्यक्रम जिला मिशन समन्वयक, जिला हब फॉर एम्पॉवरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW), दरभंगा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें विभागीय कर्मियों एवं अनुसेवक की भी सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

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