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केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त विकसित भारत रोज़गार, आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G)” के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों तथा इसके व्यापक प्रभावों पर दी जानकारी

दरभंगा। लहेरियासराय स्थित सर्किट हाउस में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह जाले के विधायक, जीवेश कुमार आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त “विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G)” के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों तथा इसके व्यापक प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। श्री जीवेश ने आगे कहा यह अधिनियम ग्रामीण भारत की रोजगार नीति में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी परिवर्तन है। इसके माध्यम से ग्रामीण परिवारों को अब प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों की कानूनी मजदूरी रोजगार गारंटी प्रदान की गई है। जिससे गरीब, श्रमिक और वंचित वर्ग के परिवारों की आय सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा। उन्होंने इसे विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विज़न की दिशा में एक ठोस और निर्णायक कदम बताया। उन्होंने बताया यह अधिनियम केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे टिकाऊ और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ा गया है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से संबंधित संरचनाएं तथा प्राकृतिक आपदाओं से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि रोजगार के साथ-साथ गांवों का दीर्घकालिक विकास भी सुनिश्चित हो सके। विधायक ने इस बात पर विशेष जोर देते कहा नई व्यवस्था में ग्राम सभा और पंचायतों की भूमिका को और अधिक सशक्त किया गया है। योजना निर्माण की शक्ति ग्राम सभा एवं पंचायतों के पास रहेगी और योजनाएं नीचे से ऊपर तैयार होंगी। साथ ही, इन योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति जैसे ढांचों से जोड़ा जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर समन्वय और दुरुपयोग पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा इस अधिनियम में पारदर्शिता, जवाबदेही को कानूनी रूप से मजबूत किया गया है। बायोमेट्रिक सत्यापन, जियो-टैगिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड, अनिवार्य सोशल ऑडिट तथा समयबद्ध और साप्ताहिक मजदूरी भुगतान जैसे प्रावधानों से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण होगा और मजदूरों को समय पर उनका अधिकार मिलेगा। यदि मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो मुआवजे का स्पष्ट प्रावधान भी किया गया है विधायक ने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अधिनियम मजदूरों के अधिकारों को कमजोर नहीं करता, बल्कि उन्हें और अधिक मजबूत कानूनी संरक्षण देता है। बेरोजगारी भत्ता, शिकायत निवारण की सशक्त प्रणाली और प्रशासनिक क्षमता को 6% से बढ़ाकर 9% तक किए जाने जैसे प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।

अंत में उन्होंने कहा विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 बिहार सहित पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार,अवसंरचना, आत्मनिर्भरता, समावेशी विकास को नई गति देगा। यह अधिनियम ग्रामीण भारत को सशक्त बनाकर विकसित भारत की यात्रा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगा। मौके पर सर्किट हाउस में केवटी के विधायक डॉ मुरारी मोहन झा, हायाघाट के विधायक डॉ रामचंद्र प्रसाद, जिला प्रभारी उमेश कुशवाहा,भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना, जनता दल यु जिला उपाध्यक्ष चंदन जायसवाल,प्रदीप महतो,लोजपा आर जिला अध्यक्ष देवेंद्र झा,हम जिला अध्यक्ष मनोज सदा, जिला महामंत्री संतोष पोद्दार,सुजीत मालिक,विजय चौधरी जिला उपाध्यक्ष राजेश रंजन,अभयानंद झा विकास चौधरी, श्रवण कुमार मिश्रा,जिला मीडिया प्रभारी मुकुंद चौधरी,सुंदरलाल चौधरी, ओम प्रकाश सिंह,अमरनाथ सिंह, चंदन सिंह, विनोद सहनी सहित एनडीए गठबंधन के अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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