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दरभंगा जूनियर पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बच्चों ने अलग-अलग विधाओं में दिखाई बेहतरीन प्रतिभा, शानदार प्रस्तुति से लोगो की खूब पाई तालिया

 

दरभंगा। रामबाग स्थित दरभंगा जूनियर पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का दीप जलाकर उद्घाटन आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल, डॉ संदीप तिवारी एवं अन्य अतिथियों के द्वारा किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का पाग, चादर पहनाकर एवं बुके देकर सम्मान किया गया। स्वागत भाषण में अतिथियों का स्वागत करते हुए स्कूल की प्रिंसिपल शालिनी कुमारी द्वारा किया गया। मौके पर हजारों बच्चों के अभिभावकगणो ने पहुंचकर कर इस वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आनंद लिया।

मौके पर बच्चों के द्वारा अलग-अलग विधाओं में बच्चों ने अपनी बेहतरीन करते हुए खूब तारीफे पाया। भरतनाट्यम, उड़िया नृत्य, एवं कई तरह के अलग अलग नृत्य की प्रस्तुति बच्चों द्वारा दी गई। इस अवसर पर डॉक्टर संदीप तिवारी ने बच्चों के इस प्रतिभा को देखकर अपनी खुशी का इजहार करते हुए उन्होंने कहा मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा। बच्चों द्वारा बहुत ही शानदार प्रोग्राम की प्रस्तुति की गई है। बच्चों को अच्छी तरह से प्रसिद्ध करने वाले शिक्षकों की अहम भूमिका इसमें देखी गई। बच्चों के शानदार प्रस्तुति से यहां के अनुशासन की झलक देखने को मिल रही है। विशाल गौरव जी और उनकी टीम की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। बच्चों के अभिभावकों के लिए यह बहुत खुशी बात है, बच्चों ने इतनी मेहनत और पूरी टीम ने शानदार प्रस्तुति दी है। उन्होंने कहा स्कूल कॉलेज जितना अनुशासित होगा वहा का वातावरण उतना ही अच्छा होगा। इसे बनाए रखने में शिक्षकों के बाद अभिभावक को और बच्चों की अहम भूमिका होती है। और फिर समाज और देश हमारा एक बेहतर नागरिक तैयार करता है। स्कूल के डायरेक्टर,विशाल गौरव ने संबोधित करते हुए कहा इस वर्ष दरभंगा जूनियर पब्लिक स्कूल का शानदार वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कार्यक्रम कर अलग-अलग विधाओं में बच्चों द्वारा चार विधाओं में नृत्य,संगीत, ड्रामेटिक्स और इनोवेशन शामिल है में काफी मेहनत की गई है। कुछ 37 से 38 तरह के अलग-अलग कार्यक्रम तैयार किया गया है। हम लोगों के द्वारा यह प्रयास किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग विधाओं को दर्शाने का प्रयास किया गया है। श्री विशाल ने बताया इस कार्यक्रम में भारत के अलग-अलग राज्यों के संस्कृतिक कलचर को दर्शाया गया है। उन्होंने बताया बच्चों को जमीन से जुड़ी कलाओं को जिसमें अपने मिथिला के कला और संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुति में दर्शाया गया हैं। वार्षिकोत्सव कार्यक्रम सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं होती है यह तो बच्चों को समूह में कार्य करने योगदान करने के लिए प्रेरित करती है। सभी कुछ संतुलित करते हुए एक शानदार कार्यक्रम बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया बच्चों को ग्रुप में कैसे कार्य करते हैं इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया शिक्षा के तीन उद्देश्य होते हैं पहले आर्थिक रूप से मजबूत बनाना दूसरा सामाजिक रूप से माहिर होना अच्छे संस्कार और चरित्र का निर्माण होता हैं।

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