
दरभंगा। बिहार में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनअनुकूल बनाने की माँग राज्यसभा में जोरदार तरीके से उठी। शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को शून्यकाल में राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने कहा केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वित्तीय समावेशन, डिजिटल बैंकिंग और सूक्ष्म ऋण सुविधाओं के विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनका लाभ बिहार के लोगों को भी मिला है। राज्यसभा सांसद डॉ गुप्ता ने बताया जनधन खातों, मुद्रा ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन जैसे कदमों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके बावजूद बिहार में ऋण वितरण की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच सकी है। उन्होंने कहा राज्य के नागरिक बड़ी मात्रा में बैंक में जमा तो कर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय औसत के मुकाबले बिहार का क्रेडिट–डिपॉज़िट (CD) अनुपात अब भी कम है। सांसद के अनुसार कम सीडी रैशन के कारण प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को पूँजी उपलब्ध कराने में कठिनाइयाँ आ रही हैं, जिससे उनके आर्थिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। डॉ. गुप्ता ने सरकार से आग्रह किया कि बिहार में ऋण वितरण से संबंधित कमियों को दूर करने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि राज्य की विकास आकांक्षाओं को गति मिल सके। उन्होंने कहा बैंकिंग सेवाओं को मजबूत बनाना बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। सदन में रखी गई उनकी इस माँग ने बिहार में बैंकिंग तंत्र की वर्तमान स्थिति और सुधार की जरूरत पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है।