
दरभंगा। महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह मेमोरियल महाविद्यालय में प्रभारी प्रधानाचार्य नंद किशोर झा की अध्यक्षता में डॉ. राजेंद्र प्रसाद जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा आज राष्ट्र राजेंद्र बाबू की 141 वीं जयंती मना रहा। मैं महाविद्यालय परिवार की ओर से सर्वप्रथम उन्हें नमन करता हूँ। देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र बाबू विलक्षण प्रतिभा के धनी हस्ती थे। उनकी ईमानदारी, धैर्य व संयम का दूर-दूर तक कोई सानी नहीं है। वो हर प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पूरी तरह विनम्र व सहज रहते थे। उनका पूरा जीवन सादगी भरा रहा। हम सभी के लिये उनका जीवन अनुकरणीय है। राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिट प्रथम के कार्यक्रम पदाधिकारी सह अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार साफी ने कहा राजेंद्र बाबू बतौर शिक्षक, वकील, स्वतंत्रता सेनानी व राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को पूरी कर्तव्यनिष्ठता के साथ निभाया। ईमानदारी उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी। बिहार ने देश को सदैव मार्ग दिखाया है। बिहार के सीवान जिला के जीरादेई गाँव का लाल राजेंद्र बाबू राष्ट्र के रत्नों में से एक थे, 1958 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका राष्ट्र के प्रति योगदान हम सभी के लिये अनुकरणीय है। छात्र-छात्राओं को उनके विचारों को अपने जिंदगी में आत्मसात करना चाहिये। हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं शत-शत नमन करते हैं। महाविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मी व दर्जनों स्वयंसेवक उपस्थित थे।