डेस्क :ये 1977 की बत है लोकसभा का कार्यकाल नवंबर में ख़त्म होने वाला था। लेकिन इंदिरा गांधी ने अचानक 18 जनवरी को चुनाव की घोषणा करके देशवासियों और विपक्ष दोनों को अचंभे में डाल दिया था। आपातकाल हटने के बाद भारत में छठे लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर थी। जयप्रकाश नारायण द्वारा अपने हिस्से से तीन लोगों को लोकसभा का टिकट दिया। जिनमें पहले थे लालू प्रसाद यादव, दूसरे महामाया प्रसाद सिन्हा और तीसरे रामविलास पासवान। हालांकि बिहार की सियासत के एक और चर्चित चेहरे नीतीश कुमार के बारे में भी कहा जाता है कि उन्हें भी जयप्रकाश नारायण की तरफ से टिकट मिलना था। लेकिव वह जेल में थे जिस वजह से उन्हें इस बात का संदेश नहीं मिल सका और टिकट से वंचित रह गए। कहा तो ये भी जाता है कि नीतीश कुमार इस सब का जिम्मेदार रामविलास पासवान को मानते थे।
