अन्य

छठव्रती नूतन वर्मा ने अपने घर में ही कृत्रिम घाट बनाकर सूरज को दिया अर्घ्य,   छठ महापर्व के अवसर पर श्रद्धा,भक्ति, आस्था का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिला। 

दरभंगा। छठ व्रतियों ने अपनी कठिन साधना और निष्ठा के साथ भगवान भास्कर (सूर्य देव) को अर्घ्य अर्पित किया। इस अवसर पर जहाँ अधिकांश श्रद्धालु प्राकृतिक घाटों और नदियों पर जुटे, कई श्रद्धालुओं ने अपने घरों एवं मोहल्लों में कृत्रिम घाट बनाकर पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की।दरिमा (इटहरवा) की निवासी नूतन वर्मा ने इस वर्ष अपने घर के परिसर में जलाशय तैयार कर डूबते सूरज को अर्घ्य दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने श्रद्धा और सादगी से यह पर्व मनाया। मिट्टी,बालू, स्वच्छ जल से बने इस कृत्रिम घाट को फूलों और दीपों से सजाया गया था। जिससे वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और मनोहारी हो उठा। छठव्रती ने कहा सूर्य देवता और छठी मैया की पूजा आस्था की अभिव्यक्ति है। जहाँ श्रद्धा है घाट यह पर्व केवल जल में खड़े होकर अर्घ्य देने का नहीं, बल्कि मन की पवित्रता और पर्यावरण की स्वच्छता का प्रतीक है। इस अवसर पर आसपास के लोग एवं परिवारजन भी पूजा में सम्मिलित हुए। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। दीपों की लौ और ढलते सूरज के संग छठ का दृश्य मनमोहक प्रतीत हो रहा था।पर्यावरण प्रेमी अभिषेक आनन्द एवं वर्षा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कृत्रिम घाटों के माध्यम से जल स्रोतों पर भीड़ कम होने के साथ-साथ स्वच्छता और सुरक्षा दोनों बनी रहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *