डेस्क : मुंबई पुलिस के चर्चित एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक को रिटायरमेंट से महज दो दिन पहले प्रमोशन का तोहफा मिला है. उन्हें 29 जुलाई 2025 को सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) पद पर पदोन्नत किया गया. दया नायक वर्तमान में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की बांद्रा यूनिट में तैनात हैं.
दया नायक ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा पास कर 1995 में बतौर सब-इंस्पेक्टर मुंबई पुलिस जॉइन किया था. उनकी पहली पोस्टिंग जुहू पुलिस स्टेशन में हुई थी. वहीं उनकी मुलाकात एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा से हुई, जिन्होंने नायक की क्षमताओं से प्रभावित होकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया. इसके बाद दोनों ने मिलकर कई गैंगस्टरों का सफाया किया.
1990 के दशक में उन्होंने कई गैंगस्टरों का एनकाउंटर किया और 87 से ज्यादा अपराधियों को ढेर किया. वे महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) में भी कार्यरत रहे. दया नायक उस टीम का हिस्सा थे जिसने अंबानी निवास सुरक्षा घोटाला और मनसुख हिरेन हत्याकांड जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की.
दया नायक के जीवन पर कई फिल्में भी बन चुकी हैं. इनमें शिमित अमीन की अब तक छप्पन, कन्नड़ फिल्म Encounter Daya Nayak, तेलुगु फिल्म गोलिमार, और विभाग जैसी फिल्में शामिल हैं. अब तक छप्पन में नाना पाटेकर ने उनके जैसे किरदार को निभाया था, जबकि विभाग में संजय दत्त ने.
दया नायक को 2006 में भ्रष्टाचार और आपराधिक संबंधों के आरोप लगने पर निलंबित कर दिया गया था. लेकिन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं पाया और उन्हें 2012 में बहाल कर दिया गया. बाद में नागपुर में पोस्टिंग से इनकार करने पर फिर से निलंबन हुआ, लेकिन जनवरी 2016 में उन्हें पूरी तरह बहाल कर दिया गया.
