पटना (आई ए खान) : राजद के जिला संगठन चुनाव में उस वक्त माहौल गरमा गया जब ढाका क्षेत्र के जिलाध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव में तीन प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच जबरदस्त झड़प और हाथापाई हो गई। लोकतंत्र के इस आंतरिक उत्सव ने देखते ही देखते संघर्ष का रूप धारण कर लिया, जिससे चुनाव प्रक्रिया को बीच में ही रोकना पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि जिला निर्वाची पदाधिकारी अनिल साहनी को चुनाव स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी।

घटना चिरैया स्थित पार्टी कार्यालय की है, जहाँ चुनाव का आयोजन किया गया था। इस पद के लिए तीन प्रमुख नामांकन दाखिल हुए थे—वर्तमान जिलाध्यक्ष नूर आलम खान, पूर्व युवा जिलाध्यक्ष हमीद राजा, और ढाका प्रखंड अध्यक्ष शम्स तवरेज। जैसे ही चुनाव प्रक्रिया ने गति पकड़ी, तीनों प्रत्याशियों के समर्थकों में वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई। बहस से शुरू हुई बातों ने हाथापाई का रूप ले लिया और कार्यालय परिसर कुछ समय के लिए रणभूमि बन गया।
निर्वाची पदाधिकारी अनिल साहनी ने स्थिति की नाजुकता को देखते हुए चुनाव को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी अव्यवस्थित स्थिति में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है, और आगे की तारीख की घोषणा पार्टी स्तर से विचार-विमर्श के बाद की जाएगी।
इस अप्रिय घटनाक्रम ने राजद के अंदरूनी संगठन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठनात्मक अनुशासन, कार्यकर्ताओं की मर्यादा और नेतृत्व की क्षमता को लेकर भी चर्चाएं तेज़ हो गई हैं।
