डेस्क: अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत का असर अब वैश्विक शेयर बाजारों पर दिखाई देने लगा है। डेमोक्रेट्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका देते हुए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों (सीनेट और प्रतिनिधि सभा) में बहुमत हासिल कर लिया है। इस नतीजे से अमेरिकी राजनीति के साथ-साथ वैश्विक निवेशकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिल रहा है।
एशियाई शेयर बाजारों में भी इस राजनीतिक बदलाव का असर दिखाई दिया। जहां जापान के शेयर बाजार में भारी बिकवाली दर्ज की गई, वहीं दक्षिण कोरिया समेत कई अन्य बाजारों में भी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को आशंका है कि अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण बढ़ने से AI और डेटा सेंटर उद्योग के लिए नए नियम और नियामकीय प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।
AI और डेटा सेंटर कंपनियों पर बढ़ सकती है नियामकीय सख्ती
निवेशकों के बीच सबसे बड़ी चिंता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर उद्योग को लेकर है। आशंका जताई जा रही है कि डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के बाद अमेरिका में डेटा सेंटर निर्माण, बिजली की खपत और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर सख्त नियम लागू हो सकते हैं।
दरअसल, अमेरिका में AI कंपनियां डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। ऐसे में यदि सरकार की ओर से नए प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तो इन कंपनियों की विस्तार योजनाओं और भविष्य के निवेश पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, डेटा सेंटर के लिए बढ़ती बिजली की मांग और स्थानीय स्तर पर इनके निर्माण का विरोध भी चुनाव में अहम मुद्दा रहा। निवेशकों को डर है कि राजनीतिक बदलाव के कारण AI सेक्टर की तेजी पर ब्रेक लग सकता है।
जापान के निक्केई में 3.56% की गिरावट
अमेरिकी चुनावी नतीजों के बीच एशियाई बाजारों में सबसे ज्यादा दबाव जापान के शेयर बाजार में देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 3.56 प्रतिशत गिरकर 60,835.36 अंक पर आ गया। यह 29 जुलाई के बाद इसका सबसे निचला स्तर बताया गया। वहीं, टॉपिक्स इंडेक्स में भी 2.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 3,832.27 अंक पर पहुंच गया।
दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में भी टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
इन बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट
AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। चिप टेस्टिंग उपकरण बनाने वाली जापानी कंपनी Advantest के शेयर 7.8 प्रतिशत तक टूट गए। वहीं, Tokyo Electron के शेयरों में 6.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा, SoftBank के शेयर 9 प्रतिशत और मेमोरी चिप निर्माता Kioxia के शेयर 11.55 प्रतिशत तक गिर गए। फाइबर ऑप्टिक केबल बनाने वाली कंपनियों Fujikura और Furukawa Electric के शेयर भी क्रमशः 8.49 प्रतिशत और 9.66 प्रतिशत नीचे आ गए।


