डेस्क: अंग प्रत्यारोपण के बाद भी जीवन को नई ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ जिया जा सकता है, इसी संदेश के साथ 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘जिंदगी दोबारा’ रखी गई। इस आयोजन में अंग प्रत्यारोपण करा चुके खिलाड़ियों और जीवित अंगदाताओं ने खेलों के माध्यम से जीवन के प्रति अपने उत्साह और हौसले का परिचय दिया।
इस आयोजन का संचालन रीनल केयर फाउंडेशन और सर गंगा राम अस्पताल की ओर से किया गया। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसमें तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया उद्घाटन
राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 का उद्घाटन भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘जिंदगी दोबारा’ कैलेंडर का विमोचन किया। साथ ही जर्मनी के ड्रेसडेन में आयोजित विश्व प्रत्यारोपण खेल 2025 में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
विश्व प्रत्यारोपण खेल 2025 में भारत का शानदार प्रदर्शन
जर्मनी के ड्रेसडेन में आयोजित विश्व प्रत्यारोपण खेल 2025 में भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन किया था। भारतीय टीम में कुल 57 एथलीट शामिल थे, जिनमें 49 अंग प्राप्तकर्ता और 8 जीवित अंगदाता थे। भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में कुल 63 पदक अपने नाम किए। इनमें 16 स्वर्ण, 22 रजत और 23 कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने कुल पदक तालिका में 13वां स्थान हासिल किया।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में टीम इंडिया की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऑर्गन इंडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था ने भारतीय दल को संगठित करने, खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने और पूरी टीम के प्रबंधन में अहम योगदान दिया।
राजस्थान के 6 खिलाड़ियों ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव
विश्व प्रत्यारोपण खेल 2025 में राजस्थान के छह खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि अंग प्रत्यारोपण के बाद भी इच्छाशक्ति, मेहनत और समर्पण के दम पर खेलों में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
राजस्थान के पदक विजेता खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
अमित कुमार शर्मा: तीरंदाजी में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
अंकित कुमार: जेवलिन में रजत और पेटांक डबल्स में कांस्य पदक हासिल किया।
भवानी सिंह: पेटांक सिंगल्स में रजत और पेटांक डबल्स में कांस्य पदक जीता।
हर्षवर्धन सिंह: तीरंदाजी में कांस्य पदक अपने नाम किया।
हितेश शर्मा: तीरंदाजी में कांस्य पदक हासिल किया।
रामदेव सिंह: शानदार प्रदर्शन करते हुए जेवलिन में स्वर्ण, लंबी कूद में रजत, बॉल थ्रो और डिस्कस में कांस्य पदक जीता।
अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश
राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि अंगदान और अंग प्रत्यारोपण के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने की एक महत्वपूर्ण पहल भी है। ‘जिंदगी दोबारा’ की थीम के जरिए यह संदेश दिया गया कि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने के साथ उसे अपने सपनों को पूरा करने का अवसर भी प्रदान करता है।
राजस्थान के छह खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां प्रदेश के लिए गर्व का विषय हैं। इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और हौसले से यह साबित किया है कि जीवन में किसी भी चुनौती के बाद नई शुरुआत की जा सकती है।


