डेस्क: बीजेपी ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस नेता की 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने की उम्मीद पूरी तरह विफल रही। रैली स्थल पर काफी जगह खाली थी और कई कुर्सियां भी खाली पड़ी थीं। बीजेपी ने कहा कि इस रैली का मकसद ही स्पष्ट नहीं था। साथ ही, पार्टी ने दावा किया कि लोगों ने एक बार फिर कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज कर दिया है।
तरुण चुग ने साधा निशाना
आईएएनएस से बातचीत में बीजेपी के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने कहा, “राहुल गांधी ने दावा किया था कि 10 लाख लोग जुटेंगे, लेकिन कल की रैली में उन्हें खाली मैदान और खाली कुर्सियां ही दिखीं। यहां तक कि रैली का विषय भी स्पष्ट नहीं था। चुघ ने आरोप लगाया, “देश की जनता ने एक बार फिर कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ वाले झूठे नैरेटिव और फिल्मी स्क्रिप्ट पर आधारित उनकी राजनीति को नकार दिया है। राहुल गांधी की राजनीति अब केवल धमकियों, अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं व न्यायपालिका पर हमलों तक सिमट कर रह गई है।” उन्होंने आगे दावा किया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में की जा रही गतिविधियों का बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा, “देश की जनता इन गतिविधियों का कड़ा विरोध कर रही है। पूरे देश में आक्रोश है। आज, राहुल गांधी देश की जनता के बीच नफरत के पात्र बन गए हैं।”
पासवान का आरोप- रैली परिवारवाद को बचाने के लिए थी
बीजेपी प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने भी विपक्षी रैली पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से राजनीतिक परिवारों पर केंद्रित थी। पासवान ने कहा, “कल की रैली ‘लोकतंत्र बचाने’ के लिए नहीं, बल्कि परिवारवाद को बचाने, बेटे को बचाने और बेटी को बचाने के लिए थी। मंच पर सोनिया गांधी के बेटे थे, लालू जी के बेटे थे, मुलायम सिंह यादव जी के बेटे थे, शरद पवार की बेटी थीं, मुफ्ती मोहम्मद की बेटी थीं और शेख अब्दुल्ला के बेटे थे।” जेडी(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी का चुनावी प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस का ग्राफ लगातार नीचे जा रहा है। देश में 50 साल से अधिक समय तक कई बार सरकारें बनाने के बाद, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार तीसरी बार 100 सीटों का आंकड़ा पार करने में विफल रही है।” हालांकि, विपक्षी नेताओं ने बीजेपी के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि रैली को भारी जनसमर्थन मिला है।
संजय राउत बोले- बीजेपी डरी हुई है
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि बीजेपी इस भारी भीड़ को देखकर ‘डरी हुई’ है। राउत ने कहा, “बीजेपी इसे फ्लॉप शो कह सकती है। ये डरे हुए लोग हैं। इतनी बड़ी भीड़ और लोगों का जमावड़ा देखकर वे घबरा गए हैं। 1974 के बाद, दिल्ली में आयोजित यह सबसे बड़ी रैली है।” उन्होंने इस रैली की तुलना जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले 1974 के आंदोलन से की और कहा कि राहुल गांधी के “लोकतंत्र बचाओ, वोट की चोरी रोको और संविधान बचाओ” के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कांग्रेस सांसद अनिल कुमार यादव ने भी बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों लोग यहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “इंडिया (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने जिस तरह से इस रैली का नेतृत्व किया, वह पूरे भारत में वोट की चोरी को लेकर फैली नाराजगी का एक स्पष्ट संदेश देता है।” उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी नेताओं ने इस रैली के जरिए एक मजबूत संदेश दिया है।
प्रमोद तिवारी बोले- बीजेपी से ज्यादा बेईमान पार्टी कोई नहीं
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, “मैं कहता हूं कि बीजेपी से ज्यादा बेईमान, गुमराह करने वाली या बेशर्म कोई और पार्टी नहीं है। आपने इसे लाइव भी देखा होगा। मैदान के बाहर मौजूद लोगों की संख्या मैदान के अंदर मौजूद लोगों से दोगुनी थी। जब राहुल गांधी अन्य नेताओं के साथ चल रहे थे, तो दोनों तरफ की सड़कें खचाखच भरी हुई थीं। आज हमारे राजनीतिक विरोधी भी मानते हैं कि यह रैली बेहद सफल रही। आप आम जनता से पूछ लीजिए। लेकिन बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जो झूठ बोलती है, और उनके झूठ बोलने की कोई सीमा नहीं है। सबके सामने सब कुछ होने के बावजूद, वे इस रैली को फ्लॉप बता रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हमारा मानना है कि यह आज़ादी के बाद से अब तक की सबसे सफल रैली थी, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। और मैं एक और बात कहना चाहूंगा। इस रैली को केवल संख्या के आधार पर न आंकें; बल्कि इसके जज़्बे को देखें। वहाँ मौजूद जज़्बा और संकल्प बिल्कुल साफ था: हम बीजेपी जैसी भ्रष्ट पार्टी को सत्ता से हटाएंगे। एक ऐसी पार्टी जिसने लोकतंत्र की हत्या कर दी है और उसकी जगह एक ऐसी पार्टी को लाएंगे जो संविधान में विश्वास रखती हो।” ।


