डेस्क: दुनिया के प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) को साइबर हमले के बाद ग्राहकों के भरोसे की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हमले की खबर सामने आने के बाद ग्राहकों ने प्लेटफॉर्म से 3.64 अरब डॉलर (करीब 34,500 करोड़ रुपए) की क्रिप्टोकरेंसी निकाल ली। पिछले सप्ताह हुए इस साइबर हमले में करीब 6.3 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, कंपनी का दावा है कि उसने चोरी हुई रकम में से करीब 95 फीसदी की भरपाई कर दी है और अब निकासी की रफ्तार भी धीमी पड़ रही है।
कुल संपत्ति का 2.1 फीसदी पैसा निकला
बाइनेंस के अनुसार, ग्राहकों की ओर से निकाली गई 3.64 अरब डॉलर की रकम उसकी कुल संपत्ति का करीब 2.1 फीसदी है। 28 अक्टूबर तक कंपनी के पास कुल 171 अरब डॉलर की संपत्ति थी। कंपनी का कहना है कि शुरुआती दिनों में निकासी का दबाव काफी अधिक था लेकिन अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म पर नई रकम जमा होने का सिलसिला भी जारी है।
टीआरएम लैब्स के ग्लोबल हेड ऑफ पॉलिसी एरी रेडबोर्ड के मुताबिक, इतनी बड़ी निकासी को निवेशकों की सावधानी के तौर पर देखा जाना चाहिए। इसे कंपनी से बड़े पैमाने पर पूंजी पलायन नहीं कहा जा सकता।
कंपनी ने खुद उठाया नुकसान का जिम्मा
बाइनेंस ने बताया कि चोरी हुई क्रिप्टोकरेंसी में से करीब 95 फीसदी की भरपाई के लिए उसने अपने फंड से दूसरी क्रिप्टोकरेंसी खरीदी हैं। कंपनी ने यह भी भरोसा दिया है कि साइबर हमले से होने वाले वित्तीय नुकसान की पूरी जिम्मेदारी वह खुद उठाएगी।
बिटकॉइन और इथेरियम में लौटी तेजी
साइबर हमले की खबर से क्रिप्टो बाजार में भी भारी दबाव देखने को मिला था। शुक्रवार को बिटकॉइन छह सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया था, जबकि इथेरियम ने दो महीने का न्यूनतम स्तर छुआ था। हालांकि, सोमवार सुबह तक बाजार में कुछ सुधार देखने को मिला।
आज बिटकॉइन करीब एक फीसदी बढ़कर 78,407.83 डॉलर और इथेरियम एक फीसदी से अधिक चढ़कर 2,293.30 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, बाइनेंस से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी में भी करीब 1.50 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह 711.83 डॉलर पर पहुंच गई।
उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर समूह पर संदेह
अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने शनिवार को इस साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया की सरकार से जुड़े हैकर समूह ‘TraderTraitor’ का हाथ होने की आशंका जताई। एजेंसी के मुताबिक, हमलावर चोरी की गई क्रिप्टोकरेंसी को इथेरियम में बदल रहे हैं। एफबीआई ने यह भी आशंका जताई है कि चोरी की रकम को छिपाने के लिए दूसरे तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।


