डेस्क: शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की घटती दिलचस्पी और लगातार बिकवाली के बीच लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को लेकर बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने विदेशी निवेशकों को एलटीसीजी टैक्स के दायरे से बाहर रखने का समर्थन किया है। इसके अलावा घरेलू निवेशकों को भी इस टैक्स में राहत देने के लिए कुछ बदलावों का सुझाव दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, सेबी का सुझाव है कि यदि कोई घरेलू निवेशक अपनी मौजूदा शेयर होल्डिंग बेचकर दूसरे शेयरों में निवेश करता है तो उसे भी एलटीसीजी टैक्स से छूट मिलनी चाहिए। इससे निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करने और नए शेयरों में पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार को ही लेना है।
फिलहाल 12.5% लगता है LTCG टैक्स
मौजूदा आयकर नियमों के मुताबिक, सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों को 12 महीने से अधिक समय तक रखने के बाद बेचने पर निर्धारित सीमा से अधिक लाभ पर 12.5 फीसदी एलटीसीजी टैक्स लगता है। वहीं, एक साल या उससे कम अवधि में शेयर बेचने पर होने वाले लाभ पर 20 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स लागू होता है।
एलटीसीजी नियमों में संभावित बदलाव की चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब केंद्र सरकार फरवरी 2027 में आम बजट पेश करने वाली है। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार बजट में पूंजीगत लाभ कर को लेकर क्या फैसला करती है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ी चिंता
एलटीसीजी टैक्स में राहत की मांग के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 31 अरब डॉलर की निकासी की है। पिछले दो वर्षों से जारी बिकवाली के कारण घरेलू शेयर बाजार और रुपए पर दबाव देखने को मिला है।
विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय कर व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका मानना है कि ऊंचा पूंजीगत लाभ कर भारत में निवेश की आकर्षकता को प्रभावित कर सकता है।
टैक्स में राहत से बढ़ सकता है विदेशी निवेश
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा था कि एलटीसीजी टैक्स में बदलाव होने पर भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन सकता है। सेबी की ओर से दिए गए सुझावों का उद्देश्य निवेश के माहौल को बेहतर बनाना और घरेलू बाजार में पूंजी के प्रवाह को प्रोत्साहित करना है।
हालांकि, फिलहाल एलटीसीजी टैक्स में किसी बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। निवेशकों को प्रस्तावों और वास्तविक सरकारी फैसले के बीच अंतर समझना जरूरी है।


