डेस्क: मोदी सरकार (Modi government) ने नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. गृह मंत्रालय ने नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को रोकने के लिए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ शुरू किया. गृह मंत्रालय की एक प्रेस रिलीज में कहा है, ”मोदी सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ा प्रहार करते हुए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ शुरू किया है. इसके तहत 38 टीमों ने असम, मिजोरम और मणिपुर में एक साथ 38 जगहों पर छापेमारी की. ये कार्रवाई नशीले पदार्थों के प्रति मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के मुताबिक की गई है.”
क्या है मकसद?
प्रेस रिलीज में आगे कहा गया, ”ये दृष्टिकोण सिर्फ नशीले पदार्थों की बरामदगी पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति की ओर एक बड़ा बदलाव है. असम, मिजोरम और मणिपुर में फैले अंतरराष्ट्रीय नार्को-फाइनेंशियल सिंडिकेट के खिलाफ यह एक बड़ा और मल्टी-एजेंसी कैंपेन था. ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)’ के मुताबिक, ये ऑपरेशन सिर्फ बरामदगी तक सीमित ना रहकर, नेटवर्क को नष्ट करने और वित्तीय तंत्र को तोड़ने पर केंद्रित है, ताकि इन अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स को जड़ से खत्म किया जा सके.”
अमित शाह ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा, ”नशीले पदार्थों के खिलाफ मोदी सरकार का कड़ा प्रहार जारी है. हमारी एजेंसियों ने 23 अक्टूबर को असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 जगहों पर एक साथ छापेमारी की और एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-कार्टेल को ध्वस्त कर दिया. इस ऑपरेशन के दौरान 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चला, 1424 बैंक खाते फ्रीज किए गए, 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई, 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए और 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया.”


