बिहार

SIR विवाद पर चिराग पासवान बोले- जनता के मन में पैदा हुईं शंकाओं को दूर करे निर्वाचन आयोग

डेस्क: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद संबंधी मीडिया रिपोर्ट के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि आयोग को “जनता के मन में पैदा हुईं शंकाओं को दूर करना चाहिए।”

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष पासवान ने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी स्पष्ट किया कि वह “सरकार का हिस्सा होने के नाते किसी संवैधानिक संस्था का बचाव नहीं करना चाहते” और विपक्षी नेताओं, विशेषकर राहुल गांधी के आरोपों को वह अधिक महत्व नहीं देते। हाजीपुर से सांसद पासवान ने कहा, “मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि सरकार का हिस्सा होने के नाते मेरा उद्देश्य किसी संवैधानिक संस्था का बचाव करना नहीं है। विपक्ष हमेशा अपने राजनीतिक हित के अनुरूप ही रुख अपनाएगा, इसलिए उसके आरोपों को लेकर मैं बहुत चिंतित नहीं हूं।” हालांकि उन्होंने कहा, “अगर जनता का चुनावी व्यवस्था से भरोसा उठने लगे, तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं होगा। इसलिए मेरा मानना है कि निर्वाचन आयोग को और अधिक मजबूती से अपना स्पष्टीकरण सामने रखना चाहिए। उसे राहुल गांधी और उनके साथियों के बयानों का जवाब देने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जनता के मन में जो शंकाएं पैदा हुई हैं, उन्हें दूर करना चाहिए।”

गौरतलब है कि चिराग पासवान का रुख भाजपा से अलग है, जिसने आयोग का खुलकर बचाव किया है। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर का इस्तेमाल भाजपा के राजनीतिक हित में किया गया। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुए इस व्यापक पुनरीक्षण अभियान के तहत देशभर में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया गया। इस दौरान कथित तौर पर 10 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के दावे सामने आए, जबकि पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में नाम हटाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया।

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