डेस्क: जमुई में छेड़छाड़ की शिकार लड़की के माता-पिता ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और अपनी बेटी को परेशान करने और छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों को भी उसी डर और तकलीफ का सामना करना चाहिए जो उन्होंने नाबालिग लड़की को दी थी। नाबालिग पीड़िता की मां ने कहा कि वह बिहार सरकार और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, ’24-48 घंटों के भीतर कार्रवाई की गई। पहले तीन आरोपियों को पकड़ा गया, और फिर एक मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी को पकड़ा गया। मैं सरकार द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट हूं।’
मां ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार को उनकी बेटी की सुरक्षा और शिक्षा का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने हमें यहां बुलाया था। उन्होंने हमें उसकी सुरक्षा, शिक्षा और हर चीज का भरोसा दिया है। उन्होंने हमसे कहा है कि हमारी बेटी उनकी बेटी जैसी है और हमें आश्वासन दिया है।’ अपनी बेटी द्वारा झेले गए सदमे को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। मेरी बेटी गिड़गिड़ा रही थी। उन दोषियों को भी अब गिड़गिड़ाना चाहिए। ऐसे अपराधियों में डर पैदा करने के लिए कुछ किया जाना चाहिए।’
यह घटना कथित तौर पर 19 सितंबर को हुई थी जब दो नाबालिग लड़कियां कोचिंग क्लास से लौट रही थीं। बाद में घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने पहले कहा था कि पुलिस को 21 सितंबर को वायरल वीडियो के माध्यम से घटना की जानकारी मिली थी, जिसके बाद FIR दर्ज की गई और एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
शुरुआत में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था जबकि बाद में बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम ने कथित मुख्य आरोपी नंदन यादव और उसके साथियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस ने ‘बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण’ (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और कहा है कि नाबालिगों से जुड़े फुटेज को प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।


