शिक्षकों की पुस्तकें छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत हैं : प्रो. मुजम्मिल हसन
सी. एम. कॉलेज, दरभंगा में डॉ. पूजा शर्मा की पुस्तक का हुआ विमोचन
दरभंगा : वर्तमान युग में जीवन के सभी क्षेत्र में पूर्ण क्रांति आ चुकी है और विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने मानव चिंतन और विचार करने की शक्ति को बहुत प्रभावित किया है। लेकिन, इस बदलते परिवेश में भी शिक्षकों की भूमिका का महत्व निर्विवाद है। एकमात्र शर्त यह है कि शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को व्यावसायिक दृष्टिकोण से तैयार करें, ताकि उनके छात्र डिग्री प्राप्त करने के बाद रोजगार प्राप्त कर सकें। ये विचार सी. एम. कॉलेज, दरभंगा के प्रिंसिपल प्रो. मुश्ताक अहमद ने व्यक्त किए। प्रो. अहमद शिक्षा विभाग की लेक्चरर डॉ. पूजा शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘बिहार के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षक प्रभावशीलता का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन’ के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

प्रो. अहमद ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि उनके कॉलेज में शिक्षा विभाग इसी वर्ष से शुरू हुआ है और चार वर्षीय बीए, बीएड और बीकॉम बीएड पाठ्यक्रम शुरू हो चुके हैं। उन्हें खुशी है कि शिक्षा विभाग की लेक्चरर डॉ. पूजा शर्मा ने एक महत्वपूर्ण विषय पर शोध किया है और अपने शोध-पत्र को पुस्तक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह अच्छी बात है कि शिक्षा विभाग में शिक्षण और अधिगम का वातावरण अनुकूल सिद्ध हो रहा है।

कार्यक्रम के विशेष अतिथि डॉ. जाकिर हुसैन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. मुज़म्मिल हसन ने कहा कि जब शिक्षकों द्वारा पुस्तकें प्रकाशित होती हैं, तो वे छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत साबित होती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. पूजा शर्मा पिछले एक दशक से शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में एक आदर्श शिक्षक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रही हैं और उनका शोध-उन्मुख मन इस पुस्तक में स्पष्ट रूप से झलकता है।

इस अवसर पर जाकिर हुसैन महाविद्यालय के शिक्षकों, प्रो. आफाक हाशमी, प्रो. अबसारुल हक और प्रो. इम्बेसातुल हक ने भी डॉ. शर्मा की पुस्तक के वैज्ञानिक और शैक्षिक महत्व एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला और इसे समय की आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम के आरंभ में शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. रोहुल्लाह बेग ने इस पुस्तक के शोध महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. अमरेंद्र कुमार ने पुस्तक का परिचय कराया। पुस्तक की लेखिका डॉ. पूजा शर्मा ने अपनी शोध पुस्तक के प्रकाशन चरण पर प्रकाश डाला और शोध के दौरान आने वाली कठिनाइयों को भी उजागर किया।
कार्यक्रम में सीएम कॉलेज के शिक्षा विभाग के समन्वयक डॉ. अबसार आलम, डॉ. इम्तियाज आलम, डॉ. अस्मिता रानी, डॉ. रीता भवानी, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. जमशेद इमाम, डॉ. सतेंद्र कुमार, डॉ. अजीत कुमार रंजन, डॉ. विमलेश कुमार सिंह, डॉ. रंजन कुमारी, डॉ. शबाना वारसी, डॉ. मोहम्मद परवेज खान, डॉ. मुसर्रत फैजी, डॉ. विजय सेन पांडे, डॉ. वीवेश चतुर्वेदी और डॉ. दिनेश साह, डॉ. वजीह अहमद खान प्रधानाचार्य मिथिला बीएड कॉलेज ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


