हरियाणा

थाने में हंगामे के बाद खाकी पर गाज, नशा बेचने और पीने का आरोप…मेडिकल में पुलिसकर्मी के खून में मिली एल्कोहल

डेस्क: नारनौल शहर थाना परिसर में मंगलवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया जब दर्जनों स्थानीय लोगों ने पहुंचकर एक पुलिस कर्मचारी पर नशे में धुत रहने और इलाके में नशीले पदार्थों का कारोबार करने के संगीन आरोप लगाए। मामले को बढ़ता देख पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी ईएचसी (EHC) संजय को तत्काल प्रभाव से निलंबित  कर दिया है।

डीएसपी भारत भूषण ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे स्थानीय लोग नारनौल शहर थाना पहुंचे और ईएचसी संजय पर नशे में धुत्त होकर मोहल्ले में आने तथा नशा बेचने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर आरोपी पुलिसकर्मी का तुरंत मेडिकल कराया गया। प्राथमिक मेडिकल रिपोर्ट में उसके द्वारा शराब  का सेवन करने की पुष्टि हुई है।
नशीला पदार्थ बेचने के आरोपों की होगी एसआईटी जांच
पुलिसकर्मी पर लगे नशा बेचने के गंभीर आरोपों की जांच के लिए पुलिस विभाग ने एक विशेष कमेटी गठित की है। हालांकि, डीएसपी ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े आरोपों के अभी तक कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आए हैं, लेकिन कर्मचारी के ब्लड और यूरीन सैंपल अन्य नशीले पदार्थों की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महेंद्रगढ़ पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि महेंद्रगढ़ पुलिस नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। कानून की नजर में आम नागरिक हो या पुलिस कर्मचारी, सभी समान हैं। यदि जांच में कर्मचारी नशीले पदार्थों की तस्करी या सप्लाई में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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