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दिल्ली कूच पर किसानों का रुख कायम, 29 अगस्त तक खनौरी बॉर्डर पर डटे रहने का ऐलान, मुख्यमंत्री सैनी का न्योता ठुकराया

डेस्क: दिल्ली कूच (March To Delhi) की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा सीमा पर किसानों (Farmers) का आंदोलन (Protest) जारी है। सोमवार को खनौरी बॉर्डर (Khanauri Border) पर किसानों और प्रशासन (Administration) के बीच हुई बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं और 29 अगस्त तक खनौरी बॉर्डर पर डटे रहेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के कन्वीनर जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसान खनौरी बॉर्डर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने साफ किया कि किसानों की ओर से हाईवे को जाम नहीं किया जाएगा। किसान हाईवे की एक तरफ टेंट लगाकर धरना देंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखेंगे।
दिल्ली कूच को लेकर सोमवार को संगरूर और पटियाला के पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों के साथ बैठक की। बैठक में बॉर्डर खोलने और किसानों को दिल्ली की ओर आगे जाने की अनुमति देने को लेकर चर्चा हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद किसानों ने खनौरी में हाईवे के किनारे अपना मोर्चा कायम रखा।
इसी बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से किसानों को बैठक के लिए निमंत्रण दिया गया। किसानों ने यह न्योता स्वीकार नहीं किया। डल्लेवाल ने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगें केंद्र सरकार से संबंधित हैं, इसलिए हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ बैठक करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
किसान नेताओं ने मांग की कि केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान या किसी अन्य वरिष्ठ नेता को किसानों से बातचीत के लिए भेजा जाए। उनका कहना है कि आंदोलन के पिछले चरण के दौरान जिस स्तर पर बातचीत बंद हुई थी, वहीं से आगे की वार्ता शुरू होनी चाहिए।
उधर, दाता सिंहवाला-खनौरी बॉर्डर सोमवार को लगातार दूसरे दिन सील रहा। बॉर्डर क्षेत्र में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। उझाना गांव और नरवाना नहर पुल के पास भी सुरक्षा व्यवस्था के तहत नाके लगाए गए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से वाहनों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बॉर्डर सील होने के कारण दिल्ली-संगरूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। पंजाब और हरियाणा के बीच आने-जाने वाले हजारों वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया। पिपलथा और पदार्थखेड़ा के रास्ते वाहनों को डायवर्ट किया गया, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।
जींद के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने सोमवार दोपहर बॉर्डर क्षेत्र का दौरा कर बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और वाहनों की निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए। संगरूर की पुलिस अधीक्षक रवजीत कौर ग्रेवाल भी किसानों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंचीं।
बातचीत के दौरान डल्लेवाल ने एक बार फिर केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ वार्ता कराने की मांग रखी। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों का समाधान केंद्र सरकार के स्तर पर होना है, इसलिए वे राज्य सरकार के साथ बैठक के बजाय केंद्रीय नेतृत्व के साथ सीधे संवाद चाहते हैं।

फिलहाल किसान 29 अगस्त तक खनौरी बॉर्डर पर शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने के अपने निर्णय पर कायम हैं। दूसरी ओर सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण जारी है। आगे की स्थिति किसानों और केंद्र सरकार के बीच संभावित बातचीत तथा दिल्ली कूच को लेकर प्रशासन के अगले कदम पर निर्भर करेगी।

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