राष्ट्रीय

राजस्थान को पीएम मोदी ने दी मेगा ऊर्जा परियोजनाओं की सौगात, बनेगा सोलर सुपरपावर हब!

जयपुर:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में कई बड़ी सौगातें देते हुए ऐसी परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं, जिन्हें राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश की ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

बीकानेर की दो विशाल सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र (आरईजेड) के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क का उद्घाटन और नई बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखे जाने से राज्य को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इन परियोजनाओं से पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

 

प्रधानमंत्री ने एसजेवीएन लिमिटेड की 1,000 मेगावाट क्षमता वाली बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना राष्ट्र को समर्पित की. करीब 5,500 करोड़ रुपए की लागत से विकसित इस परियोजना में स्वदेशी रूप से निर्मित 24.22 लाख सौर मॉड्यूल लगाए गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने एनएचपीसी के 300 मेगावाट क्षमता वाले करणीसर, बीकानेर सौर ऊर्जा संयंत्र का भी लोकार्पण किया. इस परियोजना में करीब 7.75 लाख स्वदेशी सौर पीवी सेल और मॉड्यूल का उपयोग किया गया है. दोनों परियोजनाएं आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी तकनीक और विनिर्माण क्षमता को भी मजबूती देंगी.

 

530 किलोमीटर लंबी नई बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखी

 

प्रधानमंत्री ने राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से बिजली निकासी के लिए 1,900 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से तैयार ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन भी किया. साथ ही 530 किलोमीटर लंबी नई बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखी. इन परियोजनाओं का सबसे बड़ा उद्देश्य सौर और पवन ऊर्जा से उत्पादित बिजली को बिना किसी बाधा के राज्य और देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाना है. अब तक कई बार उत्पादन क्षमता होने के बावजूद पर्याप्त ट्रांसमिशन नेटवर्क नहीं होने से बिजली की निकासी प्रभावित होती थी. नई ट्रांसमिशन व्यवस्था इस चुनौती को काफी हद तक दूर करेगी.

राजस्थान पर सूर्य देवता की विशेष कृपा

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भी जिक्र किया कि राजस्थान पर सूर्य देवता की विशेष कृपा है और यही कारण है कि राज्य देश का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा केंद्र बनने की क्षमता रखता है. उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ राजस्थान में विश्वस्तरीय सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे. प्रधानमंत्री ने बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत राजस्थान में डेढ़ लाख से अधिक घरों को लाभ मिल चुका है. इस योजना के माध्यम से लोगों की बिजली लागत कम हो रही है, स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है और आम नागरिक ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य राजस्थान को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देना है.

 

राजस्थान देश में सौर ऊर्जा उत्पादन की सबसे बड़ी संभावनाओं वाला राज्य

 

राजस्थान देश में सौर ऊर्जा उत्पादन की सबसे बड़ी संभावनाओं वाले राज्यों में शामिल है. यहां वर्षभर पर्याप्त धूप मिलने के कारण बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन संभव है. ऐसे में मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क और बड़े सौर संयंत्र राज्य को देश की हरित ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इससे कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता घटेगी, कार्बन उत्सर्जन कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा. इन परियोजनाओं का असर केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा. निर्माण, संचालन और रखरखाव के दौरान हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे.

साथ ही ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत होने से नए सौर और पवन ऊर्जा निवेशकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा. इससे पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिलेगी. ये परियोजनाएं राजस्थान को आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी और स्वच्छ ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करने की मजबूत आधारशिला साबित होंगी.

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