दरभंगा:मंगलवार को उत्सवी माहौल में कुलपति प्रो0 लक्ष्मीनिवास पांडेय की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय पंचांग वर्ष 2026-27 का विमोचन कर दिया गया। मौके पर कई विद्वान भी उपस्थित थे। अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित विमोचन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि यह पंचांग सिर्फ मुहूर्त व शुभ दिन देखने के लिए नही है बल्कि यह विश्वविद्यालय की स्मिता व पहचान है। यहां के विद्वान विशेषज्ञों द्वारा कठिन मेहनत कर इसे तैयार किया गया है। ये सभी धन्यवाद के पात्र हैं। वहीं शोध व प्रकाशन प्रभारी प्रो0 दिलीप कुमार झा ने कहा कि विश्वविद्यालय पंचांग के जनक महरूम कुलपति प्रो0 रामकरण शर्मा थे। उन्हीं के संरक्षण में पहली बार 1977-78 में इसका प्रकाशन शुरू हुआ था। यह सिलसिला अनवरत जारी है। आज हर्ष का विषय है कि पंचांग का 49वां अंक हमलोगों के हाथों में है।
30 जुलाई,26 से व्यवहृत होगा पंचांग
विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि 30 जून,26 को विमोचित चिर प्रतीक्षित विश्वविद्यालय पंचांग 2026-27 साल 1434 विक्रम सम्वत 2079-80 आगामी 30 जुलाई से 18 जुलाई,27 तक व्यवहृत होगा। पंचांग के बाजार में आने से अब सम्पूर्ण मिथिला समेत अन्य प्रदेशवासी शुभ मुहूर्त व तिथि को मांगलिक कार्यों का बखूबी सम्पादन करेंगे। पर्व-त्योहारों व व्रतों के साथ पूजा-पाठ को सही तिथि व समय पर सम्पादित करेंगे। इस बार शनि राजा तो मंगल मंत्री बने हैं। बताया गया कि विश्वविद्यालय पंचांग पूर्णतः स्कंध ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों एवं मकरन्द गणित पर आधारित है। इसमें तिथि व मुहूर्त का निर्धारण मूलतः मैथिल धर्मशास्त्रों के सम्मत है। इस बार पिछले वर्ष 45 की तुलना में 18 दिन ज्यादा विवाह की तिथि निर्धारित है।
इस बार 63 दिन बजेंगी विवाह पर शहनाई
पीआरओ डॉ निशिकांत के अनुसार वर्ष 2026-27 में विवाह के कुल 63 दिन शुभ बताए गए हैं। 22 नवम्बर 2026 से विवाह के दिन शुरू होंगे जो 09 जुलाई 2027 तक चलेंगे। शुभ विवाह की तिथि इस प्रकार हैं,-
नवंबर 2026 में 22, 25, 26, 30,
दिसंबर 2026 में 04, 06, 09, 10, 11, 14,
जनवरी 2027 में 18, 24, 28, 29, 31,
फरवरी 2027 में 07, 10, 11, 15, 21, 22, 24, 25, 28,
मार्च 2027 में 01, 03, 04, 10, 11,
अप्रैल 2027 में 10, 21, 23, 25, 28, 29,
मई 2027 में 02, 03, 07, 09, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30, 31,
जून 2027 में 02, 04, 09, 10, 13, 14, 18, 23, 24,
जुलाई 2027 में 01, 02, 07, 08, 09
द्विरागमन के 27 दिन
नवंबर 2026 में 22, 25, 26, 29, दिसंबर में 09, 10, 11, 13, 14, फरवरी 2027 में 15, 17, 18, 19, 22, 24, 25, मार्च में 10, 11, अप्रैल में 18, 19, 21, 23, 25, 26, मई में 9,10,12,
मुंडन के कुल 22 दिन
नवंबर 2026 में 26,
दिसंबर 2026 में 14,
जनवरी 2027 में 20, 27,
फरवरी 2027 में 08, 11, 18, 19, 22, 25,
मार्च 2027 में 10, 11,
मई 2027 में 12, 17, 21,
जून 2027 में 07, 14, 21, 23, 24,
जुलाई 2027 में 05, 12
उपनयन के कुल 14 दिन
फरवरी 2027 में 09, 11, 16, 17 ,
मार्च 2027 में 17, 18,
अप्रैल 2027 में 11,
मई 2027 में 10,
जून 2027 में 07, 09, 13, 14,
जुलाई 2027 में 06, 08
गृह प्रवेश के लिए 18 दिन
अक्टूबर 2026: 24,
नवंबर 2026: 14, 19, 20, 21,
दिसंबर 2026: 14,
जनवरी 2027: 18, 20
फरवरी 2027: 15, 17, 18, 19,
मई 2027: 10, 12, 17,
जून 2027: 14,
जुलाई 2027: 09, 10,
गृहारंभ के 19 दिन
अक्टूबर 2026: 24, 26, 30,
नवंबर 2026: 20, 21, 26, 28,
जनवरी 2027: 22,
फरवरी 2027: 19, 22, 25,
अप्रैल 2027: 23,
मई 2027: 17, 20, 22,
जून 2027: 14, 21, 23, 24,
देवादिप्रतिष्ठा के 18 दिन
जनवरी 2027 में 20, 22, फरवरी में 08, 11, 18, 19, मार्च में 10, 11, अप्रैल में 18, मई में 09, 12, 17, जून में 06, 07, 13, 14, जुलाई में 05 और 09
कुछ प्रमुख पर्व एवं त्योहार
रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 04 सितंबर 2026, विजयादशमी 21 अक्टूबर 2026, दीपावली 08 नवंबर 2026, छठ पूजा 16 नवंबर 2026, मकर संक्रांति 15 जनवरी 2027,
वसंत पंचमी / सरस्वती पूजा फरवरी 2027, महाशिवरात्रि 06 मार्च 2027, होली 22 मार्च 2027,रामनवमी 15 अप्रैल 2027
विशेष धार्मिक आयोजन की तिथि
पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि इस बार
सिमरिया कल्पवास 18 अक्टूबर से 17 नवंबर 2026 तक चलेगा। वहीं, प्रयाग कल्पवास 15 जनवरी 2027 से 13 फरवरी 2027 तक रहेगा।
मिथिलांचल की सौराठ सभा (गाछी) का आयोजन 01 जुलाई 2027 से 09 जुलाई 2027 तक होगा।

