दरभंगा

“वे एक व्यक्ति नहीं, एक विचार थे” – 140 वीं जयंती समारोह में याद किए गए बाबू कमलेश्वरी चरण सिन्हा

हिन्दी समाहार मंच के तत्वावधान में मनाई गई बाबू कमलेश्वरी चरण सिन्हा की 140वीं जयंती

दरभंगा :  हिन्दी समाहार मंच के तत्वावधान में स्वतंत्रता सेनानी बाबू कमलेश्वरी चरण सिन्हा की 140वीं जयंती समारोह शुक्रवार को स्नेह अग्निहोत्री शिक्षण संस्थान, शुभंकरपुर में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी समाहार मंच के अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौधरी ने की।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमरेश्वरी चरण सिन्हा ने कहा कि बाबू कमलेश्वरी चरण सिन्हा ने अपना पूरा जीवन देश की आजादी के लिए संघर्ष में बिता दिया।आगे उन्होंबोसहा, “कमलेश्वरी बाबू मुजफ्फरपुर जेल में शहीद खुदीराम बोसे से मिलने गए थे और वहां उन्होंने शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे त्याग और संघर्ष की जीती-जागती प्रतिमूर्ति थे।”

 

कार्यक्रम में वक्ता राजू राम ने कहा कि कमलेश्वरी बाबू केवल एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि वे एक विचार थे जिसने दरभंगा के युवाओं को आजादी की लड़ाई के लिए प्रेरित किया।

 

अध्यक्षीय उद्बोधन में अखिलेश कुमार चौधरी ने कहा कि “दरभंगा की धरती पर स्वतंत्रता आंदोलन का प्रथम दीप जलाने का श्रेय बाबू कमलेश्वरी चरण सिन्हा को जाता है। वे प्रसिद्ध सरस्वती एकेडमी, एम.एल. एकेडमी के संस्थापक भी थे।”

 

समारोह में डा. विश्वनाथ ठाकुर, नरेश राम, साधु शरण भगत सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।

 

इस अवसर पर सूबेदार नन्द किशोर साहु, कामेश्वर कुमार ओझा, आशीष अकिंचन, डॉ. सुनील मिश्रा बद्री प्रसाद वर्मा, डौली कुमारी, खुशबू कुमारी, दीनानाथ लाल आदि ने देशभक्ति गीत और कविताओं के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

कार्यक्रम का संचालन अमिताभ कुमार सिन्हा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन आशीष अकिंचन ने प्रस्तुत किया।

दरभंगा संवाददाता – डॉ. सुनील मिश्रा

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