डेस्क: इस साल सुस्त पड़े दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर आखिरकार भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ी और राहत भरी खुशखबरी दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अब धीरे-धीरे अपनी रफ्तार पकड़ रहा है।
फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार तक पहुंच चुकी है और अनुकूल परिस्थितियां होने के कारण 23 जून 2026 तक यह देश के कई और हिस्सों में आगे बढ़ जाएगा। मौसम विभाग ने सोमवार (22 जून 2026) को पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय राज्यों समेत देश के कुल 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन राज्यों में भारी तबाही और तूफान की आशंका
असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में आज आसमान से आफत बरस सकती है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली गिरने की गंभीर आशंका है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। वहीं बिहार, झारखंड और ओडिशा में तूफानी हवाएं और गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं। खुले में काम करने वाले लोगों और किसानों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तराखंड का हाल
दिल्ली-हरियाणा और पंजाब के इलाकों में आज मौसम का मिजाज बदलेगा। अगले 24 घंटे में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। धूल भरी तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
वहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है हालांकि लू का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम पर पैनी नजर रखने को कहा गया है क्योंकि पहाड़ों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया है।
वहीं अगर राजस्थान की बात की जाए तो यहां मौसम सबसे खतरनाक रूप ले सकता है। यहां 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं और पश्चिमी हिस्सों में भयंकर धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने का अलर्ट है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में लू का प्रकोप जारी रहेगा। विदर्भ क्षेत्र में ‘गंभीर लू’ (Severe Heatwave) की स्थिति बनी हुई है जहां रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहने के कारण रात में भी चैन नहीं मिलेगा।फिलहाल महाराष्ट्र के कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में मानसून पूरी तरह मजबूत स्थिति में है। कोंकण और गोवा के इलाकों के लिए भारी बारिश के कारण जलभराव की चेतावनी जारी की गई है।

