निशांत झा / दिल्ली :
बिहार की बाढ़ और नदी कटाव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार बनाए दीर्घकालिक नीति : डॉ. धर्मशीला गुप्ता
स्पेशल मेंशन के माध्यम से डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने राज्यसभा में उठाया बिहार की बाढ़ और नदी कटाव का मुद्दा
राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने स्पेशल मेंशन के माध्यम से राज्यसभा में बिहार की बाढ़ एवं नदी कटाव की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि बिहार की कोसी, गंडक, बागमती, कमला बलान, अधवारा समूह तथा गंगा सहित अनेक नदियों में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ राज्य के करोड़ों लोगों के जीवन, आजीविका और विकास को गहराई से प्रभावित करती है।
डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि नेपाल से आने वाली नदियों में अत्यधिक जल प्रवाह तथा लगातार बढ़ती गाद (सिल्ट) के कारण हर वर्ष बाढ़ की स्थिति और अधिक भयावह होती जा रही है। इसके परिणामस्वरूप हजारों गाँव जलमग्न हो जाते हैं, लाखों परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ती है तथा किसानों की खड़ी फसलें नष्ट हो जाती हैं। साथ ही सड़क, पुल, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, बिजली एवं पेयजल जैसी आधारभूत संरचनाओं को भी भारी क्षति पहुँचती है।
उन्होंने कहा कि नदी कटाव के कारण बड़ी संख्या में परिवार अपनी पुश्तैनी कृषि भूमि एवं आवास खो देते हैं और भूमिहीन तथा विस्थापित होने के लिए मजबूर हो जाते हैं। बाढ़ के बाद जलजनित रोगों के फैलने से जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है।
डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि बिहार की बाढ़ केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा राष्ट्रीय महत्व का विषय है। इसलिए इसका समाधान केवल राहत एवं मुआवजे तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसके लिए वैज्ञानिक, समन्वित एवं दीर्घकालिक रणनीति अपनाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बिहार के लिए दीर्घकालिक एवं स्थायी बाढ़ प्रबंधन नीति बनाई जाए। नेपाल सरकार के साथ समन्वित नदी प्रबंधन एवं जलाशय निर्माण संबंधी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। तटबंधों का आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाए, नदियों की नियमित ड्रेजिंग तथा सिल्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और जहाँ आवश्यक हो वहाँ नदी जोड़ परियोजनाओं पर भी गंभीरता से कार्य किया जाए।
साथ ही उन्होंने नदी कटाव से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, स्थायी आवास, कृषि योग्य भूमि तथा आजीविका उपलब्ध कराने के लिए विशेष केंद्रीय पैकेज देने की मांग करते हुए कहा कि इससे हर वर्ष बाढ़ और कटाव की त्रासदी झेल रहे लाखों लोगों को स्थायी राहत मिल सकेगी।

