पुणे: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है। एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आने वाले वर्षों में AI का असर लाखों नौकरियों पर पड़ सकता है। खास बात यह है कि इसका प्रभाव केवल IT सेक्टर ही नहीं बल्कि कई पारंपरिक कामों पर भी देखने को मिल सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार कंपनियां तेजी से ऑटोमेशन और AI टूल्स अपना रही हैं, जिससे डेटा एंट्री, कस्टमर सपोर्ट, कंटेंट राइटिंग और बेसिक एनालिसिस जैसे काम मशीनें करने लगी हैं। इतना ही नहीं, भविष्य में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और ड्राइविंग जैसे क्षेत्रों में भी स्मार्ट मशीनों और रोबोटिक्स का इस्तेमाल बढ़ सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि AI पूरी तरह इंसानों की जगह नहीं लेगा, लेकिन जो लोग नई तकनीक नहीं सीखेंगे उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आने वाले समय में कंपनियां ऐसे कर्मचारियों को ज्यादा प्राथमिकता देंगी जो AI टूल्स के साथ काम करना जानते हों।
सरकारें और बड़ी कंपनियां अब स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल ट्रेनिंग पर जोर दे रही हैं ताकि लोग बदलती तकनीक के अनुसार खुद को तैयार कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि AI खतरा भी है और अवसर भी, इसलिए समय रहते नई स्किल सीखना बेहद जरूरी होगा।
आशुतोष झा

