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IPL 2026 : वरुण चक्रवर्ती RCB के खिलाफ मैच से बाहर क्यों हुए?, जानें बड़ी वजह

डेस्क : वरुण चक्रवर्ती रायपुर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स के अहम IPL 2026 मुकाबले से बाहर हैं। इससे तीन बार की चैंपियन टीम एक ऐसे मैच में अपने सबसे अहम गेंदबाजों में से एक के बिना रह गई है, जिसे जीतना उनके लिए बेहद जरूरी है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सौरभ दुबे टीम में उनकी जगह लेंगे क्योंकि KKR को अपने अभियान के एक निर्णायक मोड़ पर चोट का एक बड़ा झटका लगा है। टॉस के दौरान अजिंक्य रहाणे ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, ‘वरुण चक्रवर्ती एक छोटी-सी चोट की वजह से बाहर हैं। उनकी जगह सौरभ दुबे टीम में आए हैं।’
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ KKR के पिछले मैच के बाद से ही वरुण चक्रवर्ती की फिटनेस पर सवाल उठ रहे थे। उस मैच में अपने स्पेल के आखिरी दौर में उन्हें शारीरिक रूप से संघर्ष करते हुए देखा गया था। जब मिस्ट्री स्पिनर को किसी के सहारे चलते हुए देखा गया तो चिंता और भी बढ़ गई। खबरों के मुताबिक पैर से जुड़ी किसी समस्या की वजह से RCB के खिलाफ मैच में उनके खेलने पर गंभीर संदेह पैदा हो गया था।
KKR के सहायक कोच शेन वॉटसन ने पहले ही इस बात की पुष्टि कर दी थी कि वरुण की फिटनेस पर लगातार नजर रखी जा रही है और पिछले कुछ मैचों में वह दर्द के बावजूद गेंदबाजी कर रहे थे। फ्रेंचाइजी ने अभी तक चोट की सही प्रकृति के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि यह चोट शरीर के निचले हिस्से से जुड़ी हुई है।
इस घटनाक्रम के चलते KKR को एक ऐसे मैच में अपने सबसे कीमती गेंदबाजों में से एक के बिना उतरना पड़ रहा है, जिसे वे किसी भी कीमत पर हारना नहीं चाहेंगे। पहले हाफ में खराब प्रदर्शन के बाद उनका अभियान काफी दबाव में दिख रहा था, लेकिन वरुण का विकेट लेने वाली लय में वापस आना ही उनकी देर से हुई वापसी का सबसे बड़ा कारण बना था।
इस सीजन के अपने शुरुआती तीन मैचों में उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला था। लेकिन जैसे ही उन्होंने नियमित रूप से विकेट लेना शुरू किया, KKR के नतीजों में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला। बीच के ओवरों में उनके विकेटों ने गेंदबाजी आक्रमण को एक नई धार दी, जिससे अजिंक्य रहाणे को सिर्फ नुकसान को रोकने के बजाय स्पिन के दम पर पूरे मैच को नियंत्रित करने का मौका मिला।
यह वही दौर था जब KKR ने लगातार जीत हासिल की। वरुण की भूमिका सिर्फ रन रोकने तक ही सीमित नहीं थी। उन्होंने विरोधी टीमों की साझेदारियों को तोड़ा, रनों की तेज रफ़्तार पर लगाम कसी और सुनील नरेन को मैच के अलग-अलग चरणों में ज़्यादा आजादी के साथ इस्तेमाल करने का मौका दिया। वरुण, नरेन और अनुकूल रॉय के एक साथ होने से KKR के पास स्पिन-गेंदबाज़ी पर आधारित एक ऐसा मजबूत ढांचा तैयार हो गया था, जो बीच के ओवरों में विरोधी टीमों पर दबाव बनाकर बल्लेबाजों को जोखिम उठाने पर मजबूर कर देता था।

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