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पिता के डर और भावनाओं का असर,आमिर खान ने बिना स्क्रिप्ट पढ़े साइन कर दी थीं 2 फिल्में

डेस्क: बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan) ने अपने करियर से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जो उनके फैसलों के पीछे छिपी भावनाओं और पारिवारिक प्रभाव(Familial Influence) को उजागर करता है। आमतौर पर बेहद सोच-समझकर और चयनात्मक (Thoughtful and Selective)तरीके से फिल्में चुनने वाले इस अभिनेता ने बताया कि उनके करियर(career) में दो ऐसे मौके भी आए, जब उन्होंने बिना स्क्रिप्ट पढ़े (Reading the Script)ही फिल्मों के लिए हां कर दी थी।
उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि उनके शुरुआती करियर में उनके पिता का प्रभाव काफी गहरा था। पारिवारिक संबंधों और पिता के प्रति सम्मान के साथ-साथ एक तरह का डर भी उनके निर्णयों पर असर डालता था। इसी वजह से कई बार वह अपने व्यक्तिगत विचारों से ज्यादा पारिवारिक फैसलों को महत्व देते थे।
Aamir Khan ने बताया कि एक बार उनके पिता ने उनके लिए पहले से ही एक बड़े फिल्म निर्माता से मुलाकात और प्रोजेक्ट पर सहमति दे दी थी। जब उन्हें इस बारे में बताया गया, तो उन्होंने स्क्रिप्ट सुनने की इच्छा जताई, लेकिन उनकी बात को उस समय ज्यादा महत्व नहीं दिया गया। स्थिति ऐसी बन गई कि उन्हें बिना पूरी जानकारी के ही फिल्म के लिए सहमति देनी पड़ी।
उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य फिल्म के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां कहानी सुनने की उनकी कोशिश को यह कहकर टाल दिया गया कि लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के बाद हर चीज को विस्तार से समझाने की जरूरत नहीं होती। इस माहौल में उन्होंने फिर से भावनात्मक रूप से प्रभावित होकर फिल्म को स्वीकार कर लिया।
बाद में Aamir Khan ने स्वीकार किया कि उनके करियर के शुरुआती दौर में कई फैसले पूरी तरह पेशेवर सोच पर आधारित नहीं थे, बल्कि उनमें भावनाएं और पारिवारिक दबाव शामिल थे। हालांकि समय के साथ उन्होंने अपने काम करने के तरीके में बदलाव किया और स्क्रिप्ट को सबसे अहम मानना शुरू किया।
उन्होंने यह भी हल्के अंदाज में कहा कि उनके करियर की कुछ फिल्मों के लिए उन्हें खुद को जिम्मेदार मानना पड़ता है, क्योंकि उन प्रोजेक्ट्स के फैसले उन्होंने पूरी तैयारी के बिना लिए थे। आगे चलकर उन्होंने अपने चयन को अधिक सोच-समझकर और पेशेवर दृष्टिकोण के साथ लेना शुरू किया, जिससे उनकी छवि और मजबूत हुई।

यह पूरा अनुभव दिखाता है कि एक सफल कलाकार के जीवन में भी ऐसे पल आते हैं, जब व्यक्तिगत भावनाएं और पारिवारिक संबंध उनके करियर के बड़े फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।

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