डेस्क: दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म सम्मान Academy Awards के 2027 संस्करण को लेकर बड़े बदलाव सामने आए हैं, जिन्होंने वैश्विक फिल्म इंडस्ट्री में नई चर्चा छेड़ दी है। Academy of Motion Picture Arts and Sciences द्वारा घोषित इन नियमों का असर सिर्फ हॉलीवुड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत समेत कई उभरते फिल्म बाजारों के लिए नए अवसर भी पैदा करेगा।
सबसे ज्यादा चर्चा जिस बदलाव की हो रही है, वह फिल्मों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से जुड़ा है। अब किसी भी फिल्म में अगर AI का उपयोग किया गया है, चाहे वह स्क्रिप्ट लेखन हो, विजुअल इफेक्ट्स, वॉयस क्लोनिंग या फेस रिप्लेसमेंट, तो इसकी पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि फिल्म निर्माण में मानवीय रचनात्मकता की भूमिका स्पष्ट बनी रहे और तकनीक का उपयोग पारदर्शिता के साथ हो। हालांकि AI पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन इसके इस्तेमाल को लेकर जवाबदेही तय कर दी गई है।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव अभिनय श्रेणियों में देखने को मिला है। अब किसी अभिनेता या अभिनेत्री को एक ही कैटेगरी में एक से अधिक फिल्मों के लिए नामांकन मिल सकता है, बशर्ते उनकी प्रस्तुतियां शीर्ष वोटों में शामिल हों। यह बदलाव उन कलाकारों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो एक ही वर्ष में कई प्रभावशाली भूमिकाएं निभाते हैं। इससे प्रतिस्पर्धा भी और अधिक मजबूत होगी और विविध प्रतिभाओं को मंच मिलेगा।
इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में किए गए बदलाव भारतीय सिनेमा के लिए खास मायने रखते हैं। पहले हर देश से केवल एक ही फिल्म इस श्रेणी में भेजी जा सकती थी, लेकिन अब नियमों में ढील दी गई है। यदि कोई फिल्म प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों जैसे Cannes Film Festival, Berlin International Film Festival या Venice Film Festival में पुरस्कार जीतती है, तो वह भी इस श्रेणी के लिए पात्र हो सकती है। इसका सीधा अर्थ है कि अब एक देश से एक से अधिक फिल्मों के लिए अवसर खुल सकते हैं।
डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए रिलीज से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब फिल्मों के लिए सीमित सिनेमाघर प्रदर्शन के साथ-साथ स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज को भी मान्यता दी जाएगी, बशर्ते वे अन्य आवश्यक शर्तों को पूरा करें। यह बदलाव उन फिल्मों के लिए राहत लेकर आया है जो पारंपरिक थिएटर रिलीज के बजाय डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता देती हैं।
इसके अलावा संगीत और तकनीकी श्रेणियों में भी पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और निष्पक्ष हो सके।
इन सभी बदलावों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि ऑस्कर 2027 केवल नियमों में परिवर्तन नहीं, बल्कि वैश्विक सिनेमा के बदलते स्वरूप की झलक है। खास तौर पर भारत जैसे देश, जहां विविध और समृद्ध कहानियां बनती हैं, अब पहले से अधिक अवसरों के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर सकते हैं।

