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अहमदाबाद: 34 साल बाद कुएं की आत्मा का खुला रहस्य, हत्यारे परिवार को सपने में करती थी परेशान!

गुजरात: अहमदाबाद से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. ये कहानी किसी हॉरर फिल्म-जैसी है. वटवा (अहमदाबाद) के कुतुब नगर में एक घर के कुएं में 34 साल से एक महिला की लाश दबी थी.

घरवाले डर में जी रहे थे. वे कहते हैं कि उन्हें कुछ नहीं पता था, लेकिन चैन उनकी जिंदगी से गायब था. रात में एक आत्मा आती थी. फिर एक दिन जेसीबी से खुदाई करते हुए इंसानी अवशेष मिले, तो हड़कंप मच गया.

 

जी हां, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 1992 में हुए एक मर्डर केस को सुलझाया है. उसी साल फरजाना उर्फ ​​शबनम नाम की लड़की अचानक गायब हो गई थी. वह मूल रूप से बनासकांठा की रहने वाली थी. आज तक फरजाना के बारे में किसी भी थाने में कोई गुमशुदगी की शिकायत दर्ज नहीं हुई. अब अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने लाश ढूंढ ली है. JCB से खुदाई में इंसानी अवशेष और कुछ सामान भी मिले हैं.

 

फरजाना सपने में आती थी?

 

अहमदाबाद में ही एक परिवार ऐसा है, जिस पर शक है कि वही कातिल का परिवार है. इन लोगों को डरावने सपने आते थे. हां, परिवार के लोगों को फरजाना के बार-बार सपने आने लगे थे. ये इतने डर गए कि उन्हें लगता था कि फरजाना की आत्मा उनका पीछा कर रही है, जिससे पूरा परिवार दुखी था. परिवार का सदस्य हर शुक्रवार रात इस जगह पर अगरबत्ती और दीया जलाने आता था.

 

4 लोगों ने मिलकर गला घोंटा था

 

अब सवाल उठता है कि क्या ऐसा हो सकता है कि 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी के जमाने में सच में कोई भूत या आत्मा भटक रही है? क्या यह मुमकिन है? अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के PI एपी जबालिया और उनकी टीम को एक मुखबिर ने खबर दी थी कि साल 1992 में फरजाना उर्फ ​​शबनम नाम की एक 21 साल की लड़की की 4 लोगों ने गला घोंटकर हत्या कर दी थी. उसकी लाश घर के कुएं में ही फेंक दी गई थी. यह जानकारी मिलने पर जबालिया की टीम ने एक के बाद एक कड़ियां जोड़नी शुरू कर दी और इस कुएं तक पहुंचे. इतने साल बाद भी यहां से इंसानी अवशेष मिले हैं.

 

तांत्रिक से मदद मांगी, तो पुलिस को लगी भनक 

 

सूत्र बता रहे हैं कि हत्यारे का परिवार लगातार मानसिक तनाव में था और आत्मा के डर से राहत पाने के लिए एक तांत्रिक से सलाह ली. अनुष्ठान का सहारा लिया गया. तांत्रिक अनुष्ठानों और उपायों के दौरान ही सालों से दबी लाश में ‘जान’ आ गई. हां, क्राइम ब्रांच को इस घटना के बारे में खुफिया जानकारी मिल गई और जांच शुरू हो गई. पुलिस का मानना ​​है कि जब वटवा के कुतुब नगर में शमशुद्दीन के घर की तलाशी ली गई, तो वही कुआं मिला, जिसमें फरजाना के अवशेष दफनाए गए थे.

 

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 12 घंटे तक खुदाई जारी रखी. अवशेष का DNA मृतक के भाई से मैच किया जाएगा. अब तक की जांच में पता चला है कि इस हत्या में चार लोग शामिल थे, जिनमें से तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है. एक आरोपी जीवित है.

 

माना जा रहा है कि यह हत्या 1992 में प्रेम विवाद के कारण की गई थी और जिस कुएं में शरीर के अवशेष मिले, वह खास तौर पर हत्या के लिए ही खोदा गया था. सवाल यह भी उठ रहे हैं कि दीपक और अगरबत्ती जलाने आने वाला युवक कौन है? क्या मृतक की आत्मा सच में उसे परेशान कर रही थी? मृतक के परिवार ने पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की? हत्या में शामिल चार आरोपी कौन हैं? क्या हत्यारे के परिवार ने मृतक को देखा था?

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