दरअसल, 15 साल के विशाल को गंभीर हालत में पारस अस्पताल की ICU में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई. परिजन का आरोप है कि उनके बेटे को जिंदा बताकर लगातार पैसे वसूले जा रहे थे. यहां तक कि उन्होंने किडनी निकालने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं.
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर तोड़फोड़ की. कई शीशे तोड़ दिए गए, गमले फेंके गए और वहां खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया. फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है.

