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‘सभी समस्याओं का होगा समाधान’, संस्कृत विवि में सीनेट की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने दिया भरोसा

दरभंगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के दरबार हॉल में आज आयोजित सीनेट की 49वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति सह राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने कहा कि उच्च शिक्षा की सभी समस्याओं का समाधान होगा और मुकम्मल हल निकाला जाएगा। वे समस्याओं का निदान करने ही आये हैं। उन्होंने सभी मान्य सदस्यों से कहा कि वे सदन में आये, इसके लिए सभी धन्यवाद के पात्र हैं। साथ ही उन्होंने सलाह दी कि मैच्योर इंडिविजुअल की तरह चर्चा करते हुए सभी समस्याओं व उसके हल के उपायों को वे विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराएं। इसके बाद कुलपति समेत अन्य पदाधिकारियों से बैठक कर वे सभी बिन्दुओं पर फलदायक चर्चा करेंगे। तब इसके बाद पूरी समस्याओं को सुना जाएगा और हल भी निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं को उठाने का हक आप सभी को है। सभी का समाधान मैच्योर तरीके से होगा।
इसी क्रम में उन्होंने ऑटोमेशन प्रक्रिया की बात की और समर्थ पोर्टल की चर्चा करते हुए उन्होंने विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह दी। उन्होंने साफ कहा कि सुविधाएं होंगी तभी छात्र कायदे से अध्ययन कर पाएंगे। ठोस आधारभूत संरचनाएं जरूरी है। विश्वविद्यालय द्वारा सरकारी राशि के उपयोग की ऑडिट कराने पर भी उन्होंने जोर दिया।

 

 

उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ निशिकांत ने बताया कि कुलाधिपति ने कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पांडेय को निर्देश दिया है कि सभी लिखित समस्याओं को सप्ताह भर में राजभवन भेजें। जो स्थानीय स्तर पर हल होने वाली है उसका निदान यहीं कर लें। कुलपति ने उन्हें आश्वस्त किया कि निर्देशानुसार सभी कार्यों ससमय पूरा कर लिया जाएगा।

सीनेट में सदस्यों ने उठाए सवाल

संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित सीनेट की 49वीं बैठक में लाये गए सभी प्रस्ताव समेत 2026-27 वर्षीय बजट अनुमोदित हो गया। अब बजट सरकार को भेजा जाएगा। बैठक के दौरान मान्य सदस्यों ने संस्कृत कालेजों में छात्रों की कमी व आधारभूत संरचनाओं के अभाव का मुद्दा उठाया। सम्बद्ध कालेजों में हुई हालिया नियुक्तियों में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किये जाने का सवाल भी उठाया गया। समय पर वेतन नहीं दिए जाने तथा राशि की उपलब्धता के बावजूद बकाया राशि का भुगतान नहीं किये जाने का सवाल भी उठा। सेवा सम्पुष्टि में हो रहे विलम्ब तथा समय पर सिंडिकेट की बैठक नही हो पाने का भी मुद्दा उठा। इसी क्रम में सीनेट की साल में कम से कम दो बैठक आयोजित करने पर जोर दिया गया। महीनों से अंशकालीन शिक्षकों समेत एनजीओ के लंबित भुगतान का भी मुद्दा उठाया गया। उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ निशिकांत ने बताया कि इन सभी समस्यओं को कुलपति प्रो0 लक्ष्मीनिवास पांडेय ने काफी गम्भीरता से लिया और नियमानुकूल हल निकालने का भरोसा दिया। इसके पूर्व कुलसचिव प्रो0 ब्रजेशपति त्रिपाठी ने सदन में गणापूर्ति की सूचना पर सीनेट की बैठक औपचारिक रूप से शुरू हुई और सिंडिकेट सदस्यों द्वारा उपस्थापित सभी प्रस्तावों को अनुमोदित कर दिया गया। प्रमुख उपस्थापकों में प्रो0 विनय कुमार चौधरी, प्रो0 दिलीप कुमार झा, प्रो0 दिलीप कुमार चौधरी, रूदल राय, प्रो0 अजीत कुमार चौधरी, प्रो0 ब्रजेशपति त्रिपाठी शामिल रहे। वहीं, प्रो0 विनय कुमार चौधरी, प्रो0 अजीत कुमार चौधरी, डॉ सुरेश प्रसाद राय, मदन प्रसाद राय, डॉ रामप्रवेश पासवान, सुनील भारती समेत अन्य सदस्यों ने उक्त समस्याओं का मुद्दा सदन में उठाया।

डॉ. ममता ठाकुर को विशेष धन्यवाद

सीनेट की बैठक में संस्कृत विश्वविद्यालय का कुलगीत, राष्ट्र गीत व राष्ट्र गान की प्रस्तुति मिथिला की प्रसिद्ध गायिका व एम आर एस एम कॉलेज, आनन्दपुर, सहोड़ा, दरभंगा में संगीत की चर्चित प्राध्यापिका डॉ ममता ठाकुर ने दी। उनकी गायकी व प्रस्तुति के साथ साथ मानक समय पर राष्ट्र गीत व राष्ट्र गान को पूर्ण करने पर सीनेट की अध्यक्षता कर रहे कुलाधिपति सह राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने डॉ ठाकुर को विशेष तौर पर धन्यवाद दिया और उनकी सराहना की। कार्यक्रम समाप्ति पर कुलाधिपति ने डॉ. ठाकुर को करीब बुलाया और उनकी प्रस्तुति को खूब तारीफ की। डॉ. ठाकुर ने भी उनके प्रति आभार जताते हुए धन्यवाद कहा।

 सीनेट के चार सदस्य मनोनीत, तीन पुराने चेहरे शामिल

बिहार विधान परिषद् के सभापति
ने कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के सीनेट में प्रतिनिधित्व के लिए बिहार विधान परिषद् के चार सदस्यों को मनोनीत किया है। इनमें तीन पुराने चेहरे हैं। उक्त जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. निशिकांत ने बताया कि बिहार विधान परिषद के प्रभारी सचिव शंकर कुमार ने उक्त आशय की अधिसूचना जारी करते हुए इसे 21 अप्रैल 2026 से ही प्रभावी करने को विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा है। जिन चार विधान पार्षदों को सीनेटर बनाया गया है उनमें तीन डॉ. मदनमोहन झा, तरुण कुमार व शशि यादव पहले से ही सीनेट के सदस्य रहे हैं, जबकि घनश्याम ठाकुर नए सदस्य होंगे।

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