
लखनऊ (नागेंद्र सिंह चौहान) : अर्थ डे के अवसर पर क्लाइमेट पर चर्चा द्वारा लखनऊ में एक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों से आए 350 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने संबोधन में उन्होंने क्लाइमेट पर चर्चा की पहल और युवा प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद आज के समय में अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर हम नहीं, तो कौन? अगर अभी नहीं, तो कब? यही सोच हमें जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।

कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न पर्यावरण-अनुकूल एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें इको-फ्रेंडली रंगोली , ग्रीन प्लेज (पर्यावरण शपथ),और ग्रीन प्रॉमिसेस वॉल प्रमुख रहे, जहाँ प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने व्यक्तिगत संकल्प व्यक्त किए।
इसके साथ ही, कार्यक्रम में सहभागियों के बीच जागरूकता बढ़ाने हेतु रोचक गतिविधियाँ और संवाद सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे उन्हें अपने दैनिक जीवन में सतत् आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण गार्डियन्स ऑफ द अर्थ अवॉर्ड रहा, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों को सम्मानित किया गया।
यह आयोजन युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है। क्लाइमेट पर चर्चा का यह प्रयास जागरूकता को क्रियान्वयन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य के लिए जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तैयार करने में सहायक होगा। कार्यक्रम का संयोजक वशिष्ठ श्रीवास्तव ने किया।

