डेस्क: नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का आम लोगों के बीच पहुंचने का एक और दिलचस्प किस्सा सामने आया है। पश्चिम बंगाल (West Bengal) के झारग्राम में सड़क किनारे झालमुड़ी बेचने वाले विक्रम के लिए वह पल जिंदगी का सबसे यादगार बन गया, जब प्रधानमंत्री खुद उसकी दुकान पर पहुंचे और 10 रुपये की झालमुड़ी खाई।
विक्रम ने शायद कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन देश का प्रधानमंत्री उसका ग्राहक बनेगा। पीएम मोदी करीब 10 मिनट तक दुकान पर रुके, उससे बातचीत की और आम ग्राहक की तरह ही पैसे देकर झालमुड़ी खरीदी। यही वजह है कि यह वीडियो अब सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों तक चर्चा में है।
विक्रम के मुताबिक, बातचीत बिल्कुल सामान्य रही।
पीएम ने उसका नाम और परिवार के बारे में पूछा
वह कहां का रहने वाला है, यह जाना
कमाई के बारे में भी सवाल किया
विक्रम ने बताया कि वह मूल रूप से गया (बिहार) का रहने वाला है और आर्थिक तंगी के कारण सिर्फ 9वीं तक ही पढ़ सका। उसने बताया कि वह रोजाना करीब 1000–1200 रुपये कमा लेता है।
दिलचस्प बात यह रही कि जब विक्रम पैसे लेने में झिझक रहा था, तो पीएम ने खुद कहा—“कितना हुआ?” और 10 रुपये देकर ही झालमुड़ी ली।
<span;>आखिर किस बात का है मलाल?
इतनी बड़ी मुलाकात के बाद भी विक्रम के मन में एक अफसोस रह गया।
वह कहता है—“हम एक ठो गलती काम किए… सिग्नेचर नहीं लिए।”
यानी, प्रधानमंत्री से मुलाकात की याद को और खास बनाने का मौका वह चूक गया, जिसका उसे अब मलाल है।
<span;>भावुक कर देने वाला पल
वीडियो में एक और खास दृश्य देखने को मिला, जब पीएम मोदी ने पास खड़ी महिलाओं को अपने हाथ से झालमुड़ी दी। एक महिला ने इसे ‘प्रसाद’ मानते हुए सिर से लगाया, जिससे माहौल और भी भावुक हो गया।
विक्रम के पिता उत्तम और माता सुनीता देवी हैं। वह कहता है कि “प्रधानमंत्री मेरी दुकान पर आए, यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है।”
कुल मिलाकर, यह घटना सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि एक छोटे दुकानदार के लिए जिंदगी भर की याद बन गई—बस एक ऑटोग्राफ की कमी उसे आज भी खल रही है।

