राष्ट्रीय

‘हिस्सा चोरी नहीं होने देंगे’: महिला आरक्षण पर राहुल गांधी का हमला, OBC और परिसीमन बना मुद्दा

डेस्क: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने महिला आरक्षण (women’s reservation) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला आरक्षण के नाम पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अधिकारों में कटौती करना चाहते हैं, जिसे उन्होंने “राष्ट्र-विरोधी” करार दिया।

महिला आरक्षण पर समर्थन, लेकिन शर्तों के साथ

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण का पूरी तरह समर्थन करती है, लेकिन मौजूदा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सरकार को नए कानून की बजाय पहले से पारित प्रावधानों को लागू करना चाहिए।

OBC हिस्सेदारी को लेकर बड़ा आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि यदि महिला आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर लागू किया गया, तो OBC की वास्तविक आबादी सामने नहीं आएगी और उनकी भागीदारी कम हो जाएगी। उन्होंने मांग की कि:

नई जनगणना कराई जाए
उसमें जाति आधारित आंकड़े शामिल हों
उसी आधार पर आरक्षण और परिसीमन लागू किया जाए
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर पुराने आंकड़ों का इस्तेमाल करना चाहती है, जिससे पिछड़े वर्गों का “हिस्सा छीना” जा सके।
परिसीमन पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने प्रस्तावित परिसीमन को लेकर भी चिंता जताई। उनका दावा है कि यदि यह 2011 की जनगणना के आधार पर हुआ, तो:
दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान होगा
पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी घट सकती है
उन्होंने कहा कि यह कदम देश के संतुलित प्रतिनिधित्व के खिलाफ होगा।
सरकार और RSS पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे जातीय जनगणना के आंकड़ों से “घबरा” गए हैं, क्योंकि इससे OBC आबादी का वास्तविक आकार सामने आ जाएगा।
‘हिस्सा चोरी नहीं होने देंगे
अपने संदेश में राहुल गांधी ने साफ कहा कि कांग्रेस OBC, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि:
“हिस्सा चोरी” नहीं होने दी जाएगी
दक्षिण, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों के साथ अन्याय का विरोध होगा
महिला आरक्षण के मुद्दे पर अब राजनीति तेज होती दिख रही है। एक ओर सरकार इसे महिला सशक्तीकरण का बड़ा कदम बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष OBC हिस्सेदारी और परिसीमन के जरिए प्रतिनिधित्व के संतुलन पर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में यह बहस और तेज होने के संकेत हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *