डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अप्रैल 2026 की बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का फैसला किया गया यानी होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज की EMI में इस बार कोई बदलाव नहीं होगा।
बीते साल 2025 में आरबीआई ने कई बार रेपो रेट में कटौती कर कर्जदारों को राहत दी थी और कुल मिलाकर 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी। फरवरी 2026 की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया और इस बार भी केंद्रीय बैंक ने स्थिर दर पर भरोसा जताया।
रेपो रेट का EMI पर असर
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देती है। जब यह बढ़ती है, तो बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है और आम जनता के लिए लोन की EMI बढ़ जाती है। वहीं, स्थिर या घटती दर से EMI पर कोई असर नहीं पड़ता।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस बार MPC के निर्णय से अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहेगी और कर्जदाताओं को अतिरिक्त बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
