डेस्क: बॉलीवुड सुपरस्टार(Bollywood superstar) सलमान खान(Salman Khan) अब नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) में पहुंच गए हैं। मामला राजश्री इलायची के विज्ञापन विवाद से जुड़ा है। सलमान खान का दावा है कि जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने उनके साथ अनुचित और कठोर कदम उठाए।
मामला क्या है?
मामला जनवरी 2026 का है। अधिवक्ता योगेंद्र बडियाल ने जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर राजश्री इलायची पर आरोप लगाया कि यह ब्रांड पान मसाला के नाम पर इलायची को प्रमोट कर रहा है।
इसके बाद 6 जनवरी 2026 को जिला आयोग ने एकतरफा (Ex-parte) अंतरिम आदेश पारित किया। इस आदेश में सलमान खान और अन्य प्रतिवादियों को निर्देश दिया गया कि वे ऐसे विज्ञापन न चलाएं।
क्या हुआ उसके बाद?
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता योगेंद्र बडियाल ने आरोप लगाया कि जिला आयोग के आदेश के बावजूद सलमान खान से जुड़े होर्डिंग विज्ञापन लगे रहे। इसके बाद 15 जनवरी 2026 को पहली पेशी में ही सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया गया।
जिला आयोग ने आदेश की अवमानना (धारा 72) के तहत सलमान की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) भी गठित करने का निर्देश दिया।
सलमान खान के वकील की दलील
सलमान खान के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश ने जिला आयोग को बताया कि उन्हें आदेश की कोई सर्टिफाइड कॉपी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, “जब आदेश की आधिकारिक कॉपी ही नहीं मिली, तो इसके उल्लंघन का आरोप कैसे लगाया जा सकता है?”
वकील ने यह भी उठाया कि आदेश की जानकारी पहले मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए उन्हें मिली थी, जबकि उन्हें आधिकारिक नोटिस नहीं दिया गया।
राजस्थान स्टेट कंज्यूमर कमीशन ने क्या किया?
सलमान खान ने जिला आयोग के आदेश को राजस्थान स्टेट कंज्यूमर कमीशन में चुनौती दी। लेकिन 16 मार्च 2026 को राज्य आयोग ने उनकी अपील खारिज कर दी और जिला आयोग के आदेश को सही ठहराया।
अब NCDRC में अपील
सलमान खान के वकील ने NCDRC में दावा किया कि जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने उनके साथ अन्याय किया। उन्होंने कहा कि एक भ्रामक विज्ञापन की शिकायत से जुड़ी कार्यवाही में अनुचित व्यवहार हुआ।
सलमान के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए गए और आदेश की प्रमाणित प्रतियां देने से इनकार किया गया। उनके अनुसार, यह पूरे मामले में न्याय और उचित प्रक्रिया का उल्लंघन है।
सलमान खान अब अपने पक्ष में नेशनल कंज्यूमर कमीशन में लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि जिला आयोग के आदेश और STF गठन में उनके साथ अनुचित और कठोर कदम उठाए गए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि NCDRC इस मामले में क्या निर्णय लेता है।
