डेस्क:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राज्य के कई जिलों में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेटों से बेमौसम बारिश के कारण किसानों को हो रही दिक्कतों के बारे में रिपोर्ट मांगी। अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिकूल मौसम से प्रभावित किसानों को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना नहीं करना चाहिए और किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने, संपूर्ण आंकड़े संकलित करने और किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को फसलों को हुए नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वेक्षण करने और सरकार को सूचित करने का निर्देश दिया ताकि मुआवजा बिना किसी देरी के दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार हर आपदा में राज्य की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है। हाल ही में हुई बारिश से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है और उस नुकसान की भरपाई पहले ही की जा रही है।
उन्होंने निर्देश दिया कि हाल ही में हुई बारिश से हुए नुकसान का भी तुरंत आकलन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों के हित में संवेदनशीलता से काम करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वे जमीनी स्थिति का आकलन करने और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का सटीक मूल्यांकन करने के लिए मौके पर मौजूद रहें ताकि किसानों को समय पर सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने कृषि प्रधान सचिव और राहत आयुक्त को भी निर्देश दिया कि वे जमीनी अधिकारियों के साथ सीधा संपर्क बनाए रखें और समन्वय सुनिश्चित करें। सभी जानकारी समय पर एकत्र करके सरकार को सौंपी जानी चाहिए ताकि राहत कार्यों में कोई देरी न हो सके। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि फसलों के नुकसान का आकलन प्राप्त होते ही मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। भुगतान प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जानी चाहिए ताकि प्रतिकूल मौसम से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
