
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मिले सांसद, मैथिली भाषा, युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण के लिए की चर्चा
दरभंगा। कक्षा 6-10 की पढ़ाई तथा अगले सत्र से केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में मैथिली को शामिल किए के साथ साथ कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डा गोपाल जी ने मंगलवार को केंद्रीय कौशल विकास उद्यमिता तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी से संसद भवन में भेंट कर विस्तार से चर्चा की तथा इन विषयों से संबंधित एक आग्रह पत्र सौंप कर शीघ्र पहल करने का अनुरोध किया। सांसद ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी से हुई भेंट व चर्चा के विषय की जानकारी देते हुए बताया केंद्रीय मंत्री श्री चौधरी ने सांसद डा ठाकुर को जानकारी देते हुए बताया केंद्रीय शिक्षा पात्रता परीक्षा में अगले सत्र से मैथिली भाषा भी शामिल रहेगी जिससे इस भाषा के माध्यम से देश स्तर पर सभी प्रकार सरकारी विद्यालयों में शिक्षक बनने का अवसर प्राप्त होगा जिससे भारी संख्या में रोजगार भी उपलब्ध होंगे।
सांसद डा ठाकुर ने बताया श्री चौधरी ने उन्हें जानकारी दी है मैथिलीभाषी क्षेत्रों के विद्यालयों में कक्षा 6- 10 वीं तक की पढ़ाई मैथिली भाषा में शुरू करने तथा इस भाषा में पाठ्य पुस्तके उपलब्ध कराने के लिए पहल की जा रही है। सांसद ने मैथिली भाषा के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता तथा संवेदनशीलता के लिए प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी गृह मंत्री, अमित शाह व शिक्षा मंत्री, धर्मेन्द्र प्रधान व शिक्षा राज्य मंत्री, चौधरी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा मैथिली भाषा को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल किए जाने, मिथिला क्षेत्र में कक्षा 6-10 की पढ़ाई मैथिली भाषा किए जाने के विषय को लेकर वे लंबे समय से प्रयासरत हैं और 13 जनवरी 2022 , 13 मार्च 2023, 25 जून 2023 तथा 6 जून 2024 तथा 4 अगस्त 2025 को इस संबंध में विभागीय मंत्री को पत्र के माध्यम से पहल करने का आग्रह किया था तथा लोकसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से अपनी बात रखी थी।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चौधरी के द्वारा दी गई जानकारी के आलोक में सांसद डा ठाकुर ने बताया मैथिली भाषा के लिए केंद्र सरकार के इस तरह की पहल के लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। सांसद डा ठाकुर ने केंद्र की एनडीए सरकार में मैथिली भाषा को मिले ऐतिहासिक उपलब्धि की जमकर सराहना करते हुए कहा मैथिली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाना, सीबीएसई पाठ्यक्रम में शामिल होना, मैथिली भाषा में संविधान का विमोचन होना, मैथिली भाषा में राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट जारी होना और अब अगले सत्र से केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल करने की पहल इस बात के उदाहरण है कि मिथिला और मैथिली के विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है।