डेस्क:आज पूरा देश ‘शहीद दिवस’ के अवसर पर उन महान क्रांतिकारियों को याद कर रहा है, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि राष्ट्र उनके साहस के आगे नतमस्तक है। PM मोदी का संदेश: “अमिट है उनका बलिदान”
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर राष्ट्र के नाम एक प्रेरक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा: “आज, हम भारत माता के वीर सपूतों – भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। राष्ट्र के लिए उनका बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में हमेशा के लिए अंकित है। कम उम्र में ही, उन्होंने असाधारण साहस और भारत की स्वतंत्रता के प्रति अटूट समर्पण दिखाया। न्याय और देशभक्ति के उनके आदर्श आज भी करोड़ों भारतीयों के मन में जोश भरते हैं।”
शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है?
शहीद दिवस, जो हर साल 23 मार्च को मनाया जाता है, उस दिन की याद दिलाता है जब 1931 में अंग्रेजों द्वारा इन तीनों क्रांतिकारियों को फांसी दी गई थी। तब से, उनका बलिदान भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई का एक शक्तिशाली प्रतीक बन गया है। इस दिन को पूरे देश में श्रद्धांजलि सभाओं, कार्यक्रमों और आयोजनों के साथ याद किया जाता है, जो उनके योगदान का सम्मान करते हैं और उनकी विरासत को जीवित रखते हैं।
