डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान (Iran) की सैन्य क्षमता (Military Capability) पर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका (US) ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है और उसकी वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान का मुकाबला करने के लिए वह अन्य देशों से बातचीत कर रहे हैं ताकि वे होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में सहयोग करें।
जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर जोर
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा “हम होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अन्य देशों से बात कर रहे हैं, क्योंकि यह उनके लिए भी महत्वपूर्ण है। चीन, उदाहरण के तौर पर, अपनी 90% तेल आपूर्ति इसी जलडमरूमध्य से करता है। यह अच्छा होगा अगर अन्य देश भी हमारे साथ मिलकर इसकी सुरक्षा करें।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका सैन्य सहायता भी प्रदान करेगा और उनके साथ मिलकर काम करेगा।
ईरान की सैन्य क्षमता पर हमला
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के हवाई अड्डों और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, “ईरान के पास अब कोई वायु रक्षा प्रणाली नहीं है। हमने उनके नेतृत्व को भी निशाना बनाया है। सैन्य दृष्टि से यह अद्भुत रहा है। हमने खर्ग द्वीप पर हमला किया है।”
बातचीत के लिए ईरान की तत्परता पर संदेह
ईरान द्वारा बातचीत की पहल पर ट्रंप ने कहा वे बातचीत करना चाहते थे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे अभी तैयार हैं। मुझे लगता है कि वे कुछ समय बाद तैयार होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की मिसाइलों और ड्रोन निर्माण क्षमता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा ईरान की मिसाइलें अब बहुत कम बची हैं। हम उनके ड्रोन बनाने की क्षमता को भी नष्ट कर रहे हैं। हम उन जगहों को निशाना बना रहे हैं जहां वे ड्रोन बनाते हैं।
वैश्विक सहयोग की आवश्यकता
ट्रंप ने नाटो (NATO) और यूक्रेन का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि जलडमरूमध्य को खुला रखना एक छोटा सा प्रयास है जिसके लिए अन्य देशों का सहयोग आवश्यक है।
‘अमेरिका जलडमरूमध्य की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएगा’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा एक ऐसा काम है जिसे अमेरिका को करने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसकी आवश्यकता उन देशों को है जो इस मार्ग पर निर्भर हैं। ट्रंप ने बताया कि वर्षों से अमेरिका इस जलडमरूमध्य की निगरानी कर रहा है और इसमें शानदार प्रदर्शन किया है।
ट्रंप ने आगे कहा कि अब जब युद्ध लगभग समाप्त हो चुका है और ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक कम हो गई है, तो यह अच्छा होगा कि अन्य देश भी इसमें योगदान दें। उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने दो विमान वाहक जहाज होर्मुज की ओर भेजने में हिचकिचाहट दिखाई थी, जबकि अमेरिका पहले ही स्थिति को नियंत्रण में ले चुका था। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि चाहे समर्थन मिले या न मिले, अमेरिका ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इस जलडमरूमध्य की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएगा और इसे याद रखा जाएगा। उनके अनुसार, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि युद्ध से पहले ही रणनीतिक तैयारियां पूरी हों, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।
ईरान मीडिया में हेरफेर और AI का दुरुपयोग कर रहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर मीडिया में हेरफेर करने और दुष्प्रचार फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जारी एक पोस्ट में कहा कि ईरान सैन्य रूप से कमजोर है, लेकिन झूठी खबरें फैलाने में माहिर है, खासकर फेक न्यूज मीडिया को। ट्रंप के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब ईरान का एक नया हथियार बन गया है, जिसका उपयोग वह अपनी कमजोर सैन्य स्थिति को छुपाने और अपनी शक्ति का झूठा प्रदर्शन करने के लिए कर रहा है।
अमेरिकी सैन्य विमानों और जहाजों पर झूठी रिपोर्टिंग
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा दिखाई गई कामिकाजी बोट्स (Kamikaze Boats) जो समुद्र में जहाजों पर हमला करती हुई दिखाई जाती हैं, वे वास्तव में मौजूद नहीं हैं। यह सब झूठी जानकारी है जिसका उद्देश्य यह दिखाना है कि उनका सैन्य बल कितना कठोर है, जबकि हकीकत में वे हर दिन हार का सामना कर रहे हैं। ट्रंप ने विशेष रूप से द वॉल स्ट्रीट जर्नल और अन्य मीडिया आउटलेट्स द्वारा की गई रिपोर्टिंग की आलोचना की, जिसमें दावा किया गया था कि पांच अमेरिकी ईंधन भरने वाले विमानों को मार गिराया गया है और बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी विमान सेवा में हैं, सिवाय एक के, जो जल्द ही उड़ान भरने लगेगा। इसी तरह, आग की लपटों में घिरे दिखाए गए भवनों और जहाजों की तस्वीरें भी झूठी हैं।
