डेस्क:पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आयोग ने रविवार रात राज्य सरकार को एक पत्र भेजकर दुष्यंत नरियाला को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। रविवार रात राज्य सरकार को भेजे गए पत्र में निर्वाचन आयोग ने संघमित्रा घोष को गृह एवं पर्वतीय मामलों की प्रधान सचिव नियुक्त करने का निर्देश भी दिया। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया, ‘‘…जिन अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, उन्हें चुनाव संपन्न होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।’’ आयोग ने कहा कि राज्य में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। आयोग ने कहा निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट सोमवार अपराह्न तीन बजे तक भेजी जाए। समय सीमा और चुनाव कार्यक्रम
आयोग ने राज्य सरकार को इन निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है। नियुक्तियों के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) सोमवार अपराह्न 3:00 बजे तक आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव की मुख्य तिथियां:
मतदान के चरण: 23 अप्रैल और 29 अप्रैल
मतगणना: 4 मई
दुष्यंत नरियाला (Dushyant Nariala) भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी हैं। उन्हें पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था में एक कुशल और कड़क अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वह 1993 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 2 जून 1967 को हुआ था। वह मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। उन्होंने विज्ञान में स्नातक (B.Sc.) और कानून की डिग्री (LL.B.) प्राप्त की है।
दुष्यंत नरियाला ने अपने करियर में राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है: मुख्य सचिव नियुक्त होने से पहले, वे उत्तर बंगाल विकास विभाग (North Bengal Development Department) में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के पद पर तैनात थे। साथ ही उनके पास गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (GTA) के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी था। उन्होंने आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा, स्कूल शिक्षा, और कार्मिक एवं सामान्य प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सचिव और प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। वे पश्चिम मेदिनीपुर और पूर्व मेदिनीपुर जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (DM) भी रह चुके हैं। उन्होंने केंद्र में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में उप-निदेशक (वरिष्ठ) के रूप में भी कार्य किया है, जहाँ वे आईएएस अधिकारियों के प्रशिक्षण का हिस्सा रहे।
