डेस्क:कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने देश में एलपीजी के कथित संकट को लेकर बृहस्पतिवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। संसद के मकर द्वार के निकट कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद एकत्र हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने ‘‘मोदी जी एलपीजी’’ के नारे लगाए। विपक्षी सांसदों ने गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी ले रखी थीं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि ईंधन संकट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन वह ख़ुद अलग कारणों से घबराए हुए नज़र आ रहे हैं। संसद में एलपीजी के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए: थारूर
एलपीजी की कमी की खबरों पर कांग्रेस सांसद शशि थारूर ने कहा, “ऐसे मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। सरकार को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। आप जानते हैं कि एलपीजी सिलेंडर के लिए कितनी लंबी लाइनें लगती हैं… आप जानते हैं कि कीमतें बढ़ा दी गई हैं। यह जनता के सामने इन सभी मुद्दों को रखने का मंच है… हम बस इतना चाहते हैं कि इस पर चर्चा हो और सरकार जनता को आश्वासन दे। ऐसा नहीं हो सकता कि वे मनमानी से सरकार चलाएं।
राहुल गांधी संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं में शामिल हुए
लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी, देश भर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी की खबरों के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं में शामिल हुए।
एलपीजी संकट पर काबू पाने के प्रयास जारी: केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) संकट से निपटने के प्रयास जारी हैं और भारत के लिए अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के रास्ते खुल रहे हैं। गोपी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को संसद में एलपीजी संकट से जुड़े सवालों के जवाब दिए थे। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक संवेदनशीलता के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आपूर्ति से जुड़े कुछ मामलों का खुलासा नहीं किया जा सकता। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इस संकरे मार्ग से वैश्विक समुद्री तेल व्यापार के लगभग एक चौथाई हिस्से और एलपीजी एवं उर्वरकों का परिवहन होता है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया जाता है तो वैश्विक व्यापार एवं विकास के लिए बड़े जोखिम पैदा होंगे जिनमें खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें और जीवनयापन की लागत में वृद्धि शामिल है। प्रधानमंत्री ने सभी देशों से इस बारे में बात की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे ने जीवन को किस तरह प्रभावित किया है और छूट दिए जाने की मांग की है। मैं सटीक आंकड़े नहीं दे रहा लेकिन हमारे लिए अधिक एलपीजी प्राप्त करने के रास्ते खुल रहे हैं।
